NIA की बड़ी कार्रवाई: कांग्रेस कार्यकर्ता शाहदात और आसिफ गिरफ्तार

प्रदर्शन के दौरान भीड़ को इकट्ठा करने और उकसाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

NIA की बड़ी कार्रवाई: कांग्रेस कार्यकर्ता शाहदात और आसिफ गिरफ्तार

Major action by NIA: Congress workers Shahadat and Asif arrested

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने और हिंसा के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच तेज करते हुए कई अहम गिरफ्तारियां की हैं। एजेंसी ने कांग्रेस से जुड़े दो कार्यकर्ता शाहदात हुसैन और आसिफ शेख को गिरफ्तार किया है। इससे पहले कांग्रेस नेता सायेम चौधरी और अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया था।

यह मामला 1 अप्रैल को कालियाचक-II बीडीओ कार्यालय में हुई हिंसा से जुड़ा है, जहां मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) के दौरान नाम हटाए जाने के विरोध में एक बड़ी भीड़ उग्र हो गई थी। इस दौरान तीन महिलाएं और एक बच्चे समेत सात न्यायिक अधिकारियों को कई घंटों तक बंधक बना लिया गया था।

NIA के अनुसार, शाहदात हुसैन और आसिफ शेख पर आरोप है कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान भीड़ को इकट्ठा करने और उकसाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फिलहाल एजेंसी दोनों से पूछताछ कर रही है और घटना में उनकी सटीक भूमिका की जांच की जा रही है।

इससे पहले, NIA ने इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) से जुड़े पंचायत सदस्य गोलाम रब्बानी को भी गिरफ्तार किया था। वहीं, कांग्रेस नेता सायेम चौधरी को अलीनगर पंचायत क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान हिरासत में लिया गया। एक वरिष्ठ NIA अधिकारी ने कहा, “हम चौधरी से पूछताछ कर रहे हैं और घटना में उनकी भूमिका की पुष्टि कर रहे हैं। पर्याप्त सबूत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

जांच में यह भी सामने आया है कि इससे पहले राज्य की सीआईडी ने इस मामले में 35 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) से जुड़े कार्यकर्ता और वकील मोफक्करुल इस्लाम भी शामिल हैं। सीआईडी के अनुसार, इस्लाम को इस घटना का मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है, जिसने कथित तौर पर भीड़ को उकसाया था।

एनआईए ने अब इन सभी 35 आरोपियों की कस्टडी मांगी है और जांच के दायरे को और व्यापक किया जा रहा है। एजेंसी को उम्मीद है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सकेगी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मालदा के मोथाबाड़ी और कालियाचक थानों में कुल 12 एफआईआर दर्ज की गई हैं। एनआईए की करीब 40 सदस्यीय टीम, एक डीआईजी रैंक अधिकारी के नेतृत्व में, राज्य में डेरा डाले हुए है और जांच में जुटी है।

बताया जा रहा है कि घटना के दौरान भीड़ ने नेशनल हाईवे-12 को जाम कर दिया था और पुलिस के हस्तक्षेप के दौरान पत्थरबाजी की गई। हालात पर काबू पाने में कई घंटे लग गए, जिसके बाद देर रात सुरक्षा बलों ने सभी बंधक बनाए गए अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। यह मामला चुनाव आयोग के निर्देश और सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद NIA को सौंपा गया था। जांच एजेंसी अब इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की साजिश और नेटवर्क को उजागर करने में जुटी है।

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