आधी रात ‘नारा-ए-तकबीर-अल्लाह-हू-अकबर’ के नारों से दहला पुणे का कोंढवा

पुलिस थाने के भीतर भी किया गया हमला

आधी रात ‘नारा-ए-तकबीर-अल्लाह-हू-अकबर’ के नारों से दहला पुणे का कोंढवा

The midnight chants of 'Nara-e-Takbir-Allah-hu-Akbar' rocked Kondhwa in Pune.

महाराष्ट्र के पुणे शहर का कोंढवा इलाके में नाबालिग बच्चों के बीच हुआ मामूली विवाद आधी रात को एक बड़े हिंसक सांप्रदायिक टकराव में तब्दील हो गया। घटना के बाद कोंढवा पुलिस स्टेशन के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई, जिसने न सिर्फ सड़क जाम की बल्कि पुलिस टीम और थाने पर भी पथराव कर दिया। स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस ने हिंदू  आंदोलकों पर लाठीचार्ज किया और इलाके में दंगा नियंत्रण पुलिस (RCP) तथा एसआरपीएफ (SRPF) की टुकड़ियों को तैनात करना पड़ा।

हिंदूवादी संगठन ‘सकल हिंदू समाज’ ने आरोप लगाया है कि एक हिंदू नाबालिग बच्चे पर मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा हमला किए जाने के बाद यह तनाव फैला था और पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज में कई हिंदू भी घायल हुए हैं।

यह पूरा घटनाक्रम सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात को हुआ। सकल हिंदू समाज के पदाधिकारियों के अनुसार, कोंढवा की एक सोसाइटी में बच्चों के बीच खेलने के दौरान मामूली मारपीट हुई थी। आरोप है कि मुस्लिम नाबालिग बच्चों ने इस विवाद में अपने घर के बड़े बुजुर्गों और अन्य युवकों को शामिल कर लिया। इसके बाद दोनों पक्षों के वयस्कों के बीच विवाद तेजी से बढ़ गया।

घटना के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें कुछ लोग हाथों में हथियार जैसे उपकरण लेकर सड़कों पर निकलकर  ‘नारा-ए-तकबीर अल्लाह-हू-अकबर’ के आक्रामक नारे लगाते सुनाई दे रहे हैं।

हिंदू संगठनों का दावा है कि जब पीड़ित पक्ष शिकायत दर्ज कराने कोंढवा पुलिस स्टेशन पहुंचा, तो मुसलमानों की हिंसक भीड़ उनके पीछे-पीछे थाने तक पहुँची। आरोप है कि देखते ही देखते पुलिस स्टेशन के परिसर के भीतर ही दोनों पक्षों में झड़प शुरू हो गई, जहां इस्लामी तत्वों द्वारा हिंदू समूहों पर हमला करने का प्रयास किया गया।

माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग करने और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। हिंदू संगठनों का कहना है कि पुलिस के इस लाठीचार्ज में कई निर्दोष हिंदू कार्यकर्ताओं को भी चोटें आई हैं।

जब पुलिस ने उग्र भीड़ को पीछे धकेलने और शांत कराने की कोशिश की, तो उपद्रवियों ने कानून अपने हाथ में लेते हुए सीधे पुलिस टीम को ही निशाना बनाना शुरू कर दिया। पुलिस कर्मियों और सरकारी वाहनों पर पत्थरों की बौछार कर दी गई, जिससे कई पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

मंगलवार सुबह से ही इस हिंसक झड़प के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वायरल फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि आधी रात के वक्त कोंढवा पुलिस स्टेशन के सामने मुख्य सड़क (खाड़ी मशीन चौक की ओर जाने वाला मार्ग) पर सैकड़ों की तादाद में लोग जमा हो गए और सड़क के बीचोबीच धरने पर बैठ गए। इस चक्काजाम के कारण देर रात पूरे इलाके का यातायात ठप हो गया और अराजकता की स्थिति पैदा हो गई। बाद में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कड़े रुख अपनाने के बाद भीड़ को हटाया जा सका।

पुणे पुलिस ने पुलिस कर्मियों पर हुए हमले और थाने पर पथराव की घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। कोंढवा पुलिस ने इस मामले में बलवा करने (Rioting), सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस पर पथराव करने के आरोप में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।

पुलिस सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी है। कई मुख्य संदिग्धों को पहले ही हिरासत में ले लिया गया है, जबकि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा।

गौरतलब है कि ऐसी ही एक मिलती-जुलती तनावपूर्ण घटना पिछले हफ्ते मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से भी सामने आई थी। वहां भी एक विवाद के बाद मुस्लिम भीड़ भारी संख्या में सड़कों पर उतर आई और उन्होंने ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के साथ-साथ ‘सर तन से जुदा’ के बेहद आपत्तिजनक और विवादित नारे लगाए थे, जिस पर वहां की पुलिस ने सख्त कानूनी कार्रवाई की थी।

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