29.1 C
Mumbai
Thursday, October 15, 2026
होमदेश दुनियाबांग्लादेश: बंगबंधु की किताब बेचने पर पब्लिशिंग हाउस कर्मियों को किया गया...

बांग्लादेश: बंगबंधु की किताब बेचने पर पब्लिशिंग हाउस कर्मियों को किया गया परेशान!

शायद उनके पास पुराने संस्करण की कुछ कॉपियां थीं जो पहले छपी थीं उसे बेचा जा रहा था। बस यही इसी वजह से कुछ लोग वहां से दो कर्मचारियों को पुलिस के पास ले गए।

Google News Follow

Related

बांग्लादेश में अभिव्यक्ति की आजादी पर पाबंदियों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, ढाका में पब्लिशिंग हाउस ‘यूनिवर्सिटी प्रेस लिमिटेड’ (यूपीएल) के दो कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार चर्चा में है। स्थानीय मीडिया के अनुसार बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की लिखी किताब “द अनफिनिश्ड मेमोयर्स” की बिक्री के कारण उन्हें परेशान किया गया और पुलिस के पास ले जाया गया।

पुलिस ने बताया कि इस घटना में शामिल लोग “स्थानीय बीएनपी कार्यकर्ता” थे, जबकि बाद में दोनों कर्मियों को छोड़ दिया गया। बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट बीडीन्यूज24 की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रपुर पुलिस स्टेशन के इंचार्ज अधिकारी मतिउर रहमान ने कहा, “यूपीएल लंबे समय से शेख मुजीब की किताब ‘द अनफिनिश्ड मेमोयर्स’ प्रकाशित कर रहा है।

शायद उनके पास पुराने संस्करण की कुछ कॉपियां थीं जो पहले छपी थीं उसे बेचा जा रहा था। बस यही इसी वजह से कुछ लोग वहां से दो कर्मचारियों को पुलिस के पास ले गए।”

यूपीएल ने एक बयान में कहा कि दो युवक ‘द अनफिनिश्ड मेमोयर्स’ खरीदने के लिए उनके आउटलेट पर आए थे, लेकिन किताब देखने के बाद उन्होंने दावा किया कि यह “बैन” (प्रतिबंधित) है और इसे बेचने के बारे में सफाई मांगी। इसके बाद उन्होंने दुकान का शटर बंद कर दिया, स्थानीय लोगों को इकट्ठा किया और दोनों कर्मचारियों को पुलिस चौकी ले गए।

यूपीएल के अनुसार, उनके कर्मचारियों ने साफ किया कि किताब पर कोई बैन नहीं है, लेकिन उन दोनों लोगों ने आउटलेट का शटर नीचे खींच लिया और दो सेल्स कर्मियों को “बुरी तरह परेशान” किया। प्रकाशक ने इस घटना को “देश के लिए बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण” बताया।

वहीं, स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, नागरिकों के एक समूह ने यूपीएल शोरूम में हुई इस घटना की निंदा की। उन्होंने ‘द अनफिनिश्ड मेमोयर्स’ की बिक्री रोकने की मांग को लेकर कर्मचारियों को डराने-धमकाने को गंभीर चिंता का विषय बताया।

मंगलवार को जारी एक संयुक्त बयान में, हस्ताक्षर करने वालों ने 28 सितंबर की घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही, उन्होंने पूरे बांग्लादेश में पब्लिशिंग हाउस और किताब विक्रेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की।

बांग्लादेशी अखबार ‘प्रोथोम आलो’ ने हस्ताक्षर करने वालों के हवाले से कहा, “किसी भी किताब के कंटेंट से असहमत होने, उसकी आलोचना करने या उस पर बहस करने का अधिकार सभी को है। लेकिन यह अधिकार उन्हें किसी और की किताब को प्रकाशित करने, बेचने या पढ़ने का अधिकार छीनने की इजाजत नहीं देता।

किसी किताब पर बैन लगाया जाना चाहिए या नहीं, यह पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के जरिए तय होना चाहिए; न कि किसी व्यक्ति या समूह के बयानों और दबाव के आधार पर।

यह सिद्धांत सभी लेखकों, पब्लिशर्स और पाठकों पर समान रूप से लागू होता है, चाहे उनकी राजनीतिक संबद्धता कुछ भी हो।” उन्होंने ‘द अनफिनिश्ड मेमोयर्स’ को बांग्लादेश के इतिहास की एक अहम किताब बताते हुए कहा कि इस काम का अलग-अलग तरह से मूल्यांकन किया जा सकता है।

उन्होंने जोर दिया कि ऐसे मतभेदों को “चर्चा, रिसर्च और तर्कपूर्ण बहस” के जरिए जाहिर किया जाना चाहिए, न कि किताबों की दुकानों पर हमले या उनके कर्मचारियों को परेशान करके।

यह भी पढ़ें-

AI का नाम बदला! अब ‘इस’ नाम से जाना जाएगा

कोस्ट गार्ड-ATS का बड़ा एक्शन; लक्षद्वीप के पास संदिग्ध नाव से 5 पाकिस्तानी पकड़े

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

150,046फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
338,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें