उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने खमरिया और जबलपुर में सेना की तैयारियों का जायजा लिया, वहीं मध्य कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने आगरा स्थित केंद्रीय आयुध डिपो का दौरा कर रसद तंत्र और आधुनिकीकरण की प्रगति की समीक्षा की।
भारतीय थल सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने खमरिया स्थित आयुध कारखाने का दौरा किया। यहां उन्होंने भारतीय सेना की ऑपरेशनल व रसद संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों की समीक्षा की।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सेना की जरूरतों के अनुरूप स्वदेशी क्षमताओं का विकास और अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल भविष्य की सैन्य तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण है। इसके बाद सेना के उप प्रमुख ने जबलपुर स्थित मुख्यालय मध्य भारत क्षेत्र का दौरा किया।
लेफ्टिनेंट जनरल जैन ने जबलपुर स्थित मिलिट्री कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट का भी दौरा किया। यहां उन्होंने संस्थान की तैयारियों, प्रशिक्षण व्यवस्था और बुनियादी ढांचे के विकास से संबंधित कार्यों की समीक्षा की।
दूसरी ओर, मध्य कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने आगरा स्थित केंद्रीय आयुध डिपो का दौरा किया और वहां की परिचालन व्यवस्था, रसद संबंधी बुनियादी ढांचे तथा आधुनिकीकरण से जुड़ी पहलों की समीक्षा की।
उन्हें बताया गया कि तकनीक के अधिक इस्तेमाल के माध्यम से संसाधनों के प्रबंधन, सामग्री की उपलब्धता और विभिन्न सैन्य इकाइयों तक आवश्यक सामान की निर्बाध आपूर्ति को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन पहलों का उद्देश्य क्षेत्र में तैनात सैन्य संरचनाओं को तेज और प्रभावी रसद सहायता उपलब्ध कराना है।
उन्होंने सभी रैंकों के सैन्यकर्मियों से बातचीत के दौरान उनके व्यावसायिक कौशल, समर्पण और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि भविष्य के लिए तैयार सेना के निर्माण में निरंतर नवाचार, तकनीकी एकीकरण और संसाधनों का कुशल प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण है।
