स्वास्थ्य मंत्री ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि दिल्ली स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और डॉक्टर एवं मेडिकल स्टाफ पूरी तत्परता के साथ काम कर रहे हैं। अस्पतालों में आने वाले अधिकांश मरीज उपचार के बाद स्वस्थ होकर अपने घर लौट रहे हैं। सरकार की ओर से अस्पतालों में आइसोलेशन रूम, जरूरी सुविधाओं और इलाज की व्यवस्था को दुरुस्त रखा जा रहा है।
पंकज कुमार सिंह ने कहा कि एच1एन1 के लक्षण काफी हद तक मौसमी फ्लू जैसे ही दिखाई दे रहे हैं। मरीजों में बुखार, शरीर में दर्द और अन्य फ्लू संबंधी शिकायतें सामने आ रही हैं। यदि डॉक्टरों को किसी मरीज में हाई ग्रेड फीवर या गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं, तो आवश्यकतानुसार उसका टेस्ट कराया जाता है। वहीं, सामान्य मामलों में डॉक्टरों की सलाह के अनुसार उपचार देकर मरीजों को घर भेज दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि मरीजों को अस्पतालों में किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। अस्पतालों में ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर आइसोलेशन की व्यवस्था भी तैयार रखी गई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि दिल्ली में अब तक एच1एन1 के करीब 2400 से अधिक मामले सामने आए हैं। अन्य प्रकार के इन्फ्लुएंजा के मामलों को मिलाकर यह संख्या लगभग 3100 से 3200 से अधिक हो सकती है।
अस्पतालों की तैयारियों पर स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ 24 घंटे ड्यूटी पर मौजूद हैं। ओपीडी, इमरजेंसी और जरूरत पड़ने पर आइसोलेशन सेंटर की व्यवस्थाओं को तैयार रखा गया है।
लोगों में बढ़ती चिंता के बीच स्वास्थ्य मंत्री ने खास तौर पर पैनिक से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह मौसमी फ्लू की तरह सामने आ रहा है और मरीज उपचार के बाद स्वस्थ होकर घर जा रहे हैं। यदि किसी व्यक्ति को बुखार, शरीर में दर्द या अन्य परेशानी महसूस होती है तो वह दिल्ली सरकार के अस्पताल में जाकर चिकित्सकीय सलाह और उपचार ले सकता है। वहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
