अर्मेनियाई सशस्त्र बलों के प्रतिनिधिमंडल ने भारत में वायुसेना के स्टेशन दौरा किया है। अर्मेनियाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मेजर जनरल अलेक्जेंडर त्साकान्यान ने किया। वायुसेना स्टेशन में अर्मेनियाई अधिकारियों को वायुसेना स्टेशन की ऑपरेशनल और रखरखाव से जुड़ी सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई।
प्रतिनिधिमंडल ने इन सुविधाओं का मार्गदर्शित दौरा भी किया और वहां की कार्यप्रणाली को करीब से समझा। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच सीधे संपर्क और पेशेवर संवाद को और मजबूत करना रहा।
भारत और अर्मेनिया के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग लगातार आगे बढ़ रहा है। ऐसे सैन्य आदान-प्रदान से दोनों देशों के रक्षा बलों के बीच आपसी विश्वास, समझ और तालमेल मजबूत होता है। साथ ही, इससे भविष्य में विभिन्न स्तरों पर सैन्य सहयोग और संयुक्त रूप से काम करने की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिलता है।
अर्मेनियाई प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा भारत और अर्मेनिया के बीच पुराने और लगातार मजबूत हो रहे रक्षा संबंधों को भी रेखांकित करता है। दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच इस तरह की यात्राएं अनुभव साझा करने के साथ-साथ परिचालन स्तर पर बेहतर तालमेल बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं।
गौरतलब है कि भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने बीते महीने अर्मेनिया की आधिकारिक यात्रा की थी। इस यात्रा के तहत वह अर्मेनिया की राजधानी येरेवान पहुंचे थे। दरअसल अर्मेनिया रक्षा उत्पादों के क्षेत्र में भारत का एक महत्वपूर्ण और विश्वसनीय सहयोगी है। आधुनिक रक्षा उपकरणों व सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर दोनों देश अहम चर्चाओं में शामिल रहे हैं।
भारत और अर्मेनिया के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा क्षेत्र में सहयोग तेजी से मजबूत हुआ है। दोनों देशों के बीच रक्षा उपकरण, सैन्य प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है। अप्रैल 2026 में अर्मेनिया के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के प्रमुख और रक्षा मंत्री के प्रथम उपमंत्री लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड अस्रयान ने भी भारत का दौरा किया था।



