रिजु दत्ता कल्याण बनर्जी और कुणाल घोष को लेकर कहा, “दो अलग-अलग मामले हैं। दिल्ली में, कल्याण बनर्जी को पूरे सत्र के लिए सस्पेंड कर दिया गया था और इसकी वजह यह बताई जा रही है कि उन्होंने एनसीपीआई सांसदों को चोर कहा और महिला सांसदों के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया। तृणमूल कांग्रेस की तरफ से कहा जा रहा है कि जब उन्हें सस्पेंड किया गया, तब सत्र चल ही नहीं रहा था, इसलिए मुझे असल बात नहीं पता।”
रिजु दत्ता न कहा, “कल बंगाल के विधानसभा से जो दृश्य सामने आया, ऐसा इससे पहले कभी नहीं देखा गया था। विपक्ष के चीफ व्हिप की ओर से अपनी बात को रखा जा रहा था तब कुणाल घोष उनको बोलने से रोक रहे थे। कुणाल घोष पहली बार के विधायक हैं, लेकिन किसी भी विधायक की ओर से ऐसा आचरण विधानसभा में शोभा नहीं देता। इसके बाद स्पीकर के निर्देश पर उनको विधानसभा के बाहर कर दिया गया।
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री के पूरे भाषण को मैंने सुना है। अपने पूरे भाषण में उन्होंने एक बार भी अभिषेक बनर्जी का नाम नहीं लिया। सीएम की ओर से कहा गया है कि जो बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं वे 31 तक बाहर रहेंगे, तब 31 में देखेंगे।



