जिस टीम ने गांजे की खेती के खिलाफ कार्रवाई की, उसमें प्रमुख रूप से पुलिस कर्मियों, वन अधिकारियों और ज़िला प्रशासन से जुड़े लोग शामिल थे। गांजे की फसल के खिलाफ कार्रवाई की पूरी रूपरेखा पहले ही निर्धारित कर ली गई थी, उसी के आधार पर इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
यह पूरा अभियान नगर मजिस्ट्रेट संजय ताराम और नशा-विरोधी दस्ते के प्रभारी अयूप बोको के नेतृत्व में चलाया गया था। इस कार्रवाई के दौरान यह सुनिश्चित किया गया था कि किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाए, सब कुछ नियमों के अनुरूप हो।
वहीं, प्राप्त जानकारी के मुताबिक, कार्रवाई को शुरू करने से पहले पूरी औपचारिकताओं को संपन्न किया गया। इसके बाद पूरी वीडियोग्राफी भी की गई, ताकि इसे आगामी दिनों में एक सबूत के रूप में भी पेश किया जाए।
उधर, इस कार्रवाई के बाद पूर्वी सियांग के पुलिस अधीक्षक पंकज लांबा ने नशे की समस्या के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को दोहराया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिलेभर में किसी भी प्रकार की नशीले पदार्थ को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके खिलाफ प्रशासन की ओर से कार्रवाई जारी रहेगी।
इसके अलावा, उन्होंने जिलेभर के लोगों से अपील की है कि अगर उनके पास गांजे की फसल से संबंध में या उगाही के संबंध में किसी भी प्रकार की सूचना आती है, तो हमें फौरन हमें इसके बारे में बताए, ताकि हमें कार्रवाई करने में आसानी हो।
मुश्किल दौर पर बोले आयुष्मान-रकुल, जिंदगी कभी सीधी नहीं चलती है!



