32 C
Mumbai
Friday, May 1, 2026
होमदेश दुनियातनाव से राहत और एकाग्रता में वृद्धि के लिए अपनाएं गरुड़ासन!

तनाव से राहत और एकाग्रता में वृद्धि के लिए अपनाएं गरुड़ासन!

'गरुड़ासन' एक संस्कृत शब्द है। 'गरुड़' का अर्थ है 'ईगल' (बाज), और 'आसन' का अर्थ है 'मुद्रा'। जिस तरह से बाज आसमान में स्थिर रहकर अपनी पैनी नजर बनाए रखता है| 

Google News Follow

Related

आज की आधुनिक जीवनशैली में खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। आंतरिक शांति और शारीरिक संतुलन योग के लिए अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे ही दैनिक जीवन में गरुड़ासन का अभ्यास शरीर में कई तरह के परिवर्तन लेकर आता है।

‘गरुड़ासन’ एक संस्कृत शब्द है। ‘गरुड़’ का अर्थ है ‘ईगल’ (बाज), और ‘आसन’ का अर्थ है ‘मुद्रा’। जिस तरह से बाज आसमान में स्थिर रहकर अपनी पैनी नजर बनाए रखता है, ठीक उसी तरह इस आसन के करने से शरीर में स्थिरता और मन में एकाग्रता विकसित होती है।

यह आसन शुरुआती अभ्यासकर्ताओं के लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन इसके नियमित अभ्यास से कई तरह के लाभ मिलते हैं। यह एक ‘बैलेंसिंग एक्ट’ है जिसमें व्यक्ति को एक पैर पर खड़े होकर दूसरे पैर और हाथों को आपस में गूंथना होता है। यह मुद्रा न केवल पैरों की मांसपेशियों को मजबूत बनाती है, बल्कि शरीर के तंत्रिका तंत्र को भी सक्रिय करती है।

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने इस आसन के अभ्यास के महत्व पर प्रकाश डाला है। उनके अनुसार, गरुड़ासन एक उत्कृष्ट योगासन है जो संतुलन, एकाग्रता और शारीरिक मजबूती को बढ़ावा देता है। यह आसन विशेष रूप से जोड़ों की सक्रियता और मानसिक स्पष्टता बढ़ाने के लिए जाना जाता है।

इसी के साथ ही, यह टखनों, पिंडलियों, जांघों और कंधों की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। पैरों और कूल्हों में जकड़न दूर करता है। संतुलन और एकाग्रता में सुधार लाता है। कंधों और ऊपरी पीठ की अकड़न को भी दूर करता है। नसों को सक्रिय कर नर्वस सिस्टम को बेहतर बनाता है।

इसे करना बेहद फायदेमंद हैं। इसे करने के लिए ताड़ासन की मुद्रा में सीधे खड़े हों। दाएं पैर का पंजा बाईं पिंडली के पीछे लॉक कर दें। दोनों हाथों को आगे की ओर लाएं और बाईं बांह को दाईं बांह के ऊपर से लपेटें।

दोनों हथेलियों को आपस में जोड़कर गरुड़ की चोंच जैसी आकृति बनाएं। शरीर का पूरा भार बाएं पैर पर डालकर संतुलन बनाएं। इस स्थिति में 20 से 30 सेकंड तक रुकें, गहरी सांस लें और दृष्टि एक बिंदु पर केंद्रित रखें। इसके बाद सामान्य सांस के साथ धीरे-धीरे वापस की स्थिति में आएं। घुटने, टखने या कंधे में हाल ही में कोई चोट लगी हो तो यह आसन न करें।
 
यह भी पढ़ें-

विलय और विस्तार सौदों का असर! भारत में ट्रांजैक्शनल रिस्क इंश्योरेंस की मांग बढ़ी!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,112फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
304,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें