गुजरात के बनासकांठा जिले में हुए दर्दनाक पटाखा फैक्ट्री हादसे के मुख्य आरोपी दीपक मोनानी को पुलिस ने ईडर से गिरफ्तार कर लिया है। इस हादसे में बॉयलर फटने से 18 मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। प्रशासन ने घायलों के इलाज की व्यवस्था की है, वहीं सरकार ने मुआवजे की भी घोषणा की है।
पुलिस के अनुसार, दीपक मोनानी इस फैक्ट्री का संचालक था और उसके पास पहले आतिशबाजी के गोदाम का लाइसेंस भी था। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं और क्या यह हादसा महज लापरवाही की वजह से हुआ। वहीं, दीपक मोनानी का पिता खूबचंद मोनानी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
इस हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल समेत कई नेताओं ने गहरा शोक जताया था। राष्ट्रपति मुर्मू ने सोशल मीडिया पर लिखा, “बनासकांठा में हुए हादसे से बेहद दुखी हूं। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर घायलों को शीघ्र स्वस्थ करें।”
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी हादसे को हृदयविदारक बताया और राहत कार्यों की निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने मृतकों के परिजनों को चार लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। साथ ही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के मजदुर परिवारों के दुखद घडी में साथ देने का आश्वासन दिया है।
यह हादसा फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रशासन की जांच से यह स्पष्ट होगा कि क्या फैक्ट्री नियमों के तहत संचालित हो रही थी या अवैध रूप से चलाई जा रही थी। इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अब कड़े कदम उठाने की मांग की जा रही है।
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