उन्होंने दावा किया कि उनकी फिल्म न तो सलमान खान पर आधारित है और न ही गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर, बल्कि यह बिश्नोई समाज के उन लोगों की कहानी है, जिन्होंने अपने अधिकारों और न्याय के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी।
आईएएनएस से बात करते हुए अमित जानी ने कहा, “फिल्म का अभी तक न तो टीजर रिलीज हुआ है और न ही ट्रेलर सामने आया है। जब किसी ने फिल्म देखी ही नहीं है, तो उसके कंटेंट को लेकर आपत्ति कैसे जताई जा सकती है? अगर सलमान खान सीधे उनसे बातचीत करते और फिल्म की कहानी के बारे में पूछते, तो मैं विस्तार से समझा देता कि फिल्म का वास्तविक विषय क्या है।”
निर्माता ने कहा, ”मुझे लगता है कि सलमान खान बिना पूरी जानकारी के इस फिल्म का विरोध कर रहे हैं। फिल्म में किसी के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की गई है। अगर किसी पोस्टर में एक व्यक्ति बंदूक लिए खड़ा दिखाई देता है और कहीं भी सलमान खान का नाम नहीं लिखा गया है, तो यह मान लेना कि फिल्म उन्हीं के बारे में है, सही नहीं है।”
बातचीत के दौरान अमित जानी ने आगे कहा, “काला हिरण उन बिश्नोई समुदाय के लोगों की कहानी है, जिन्होंने न्याय के लिए संघर्ष किया। मेरी पिछली फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ को लेकर भी कानूनी विवाद सामने आया था। उस मामले में अदालत के निर्देश पर हमने याचिकाकर्ताओं को फिल्म रिलीज से पहले दिखाई थी।
निर्माता ने कहा, ”फिल्म बनाने का अधिकार सभी को है। आरुषि तलवार हत्याकांड, देश के विभाजन, महात्मा गांधी की हत्या, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ जैसे व्यक्तित्वों पर भी फिल्में बनाई गई हैं।
पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब सलमान खान की कानूनी टीम ने फिल्म के मेकर्स को नोटिस भेजा। नोटिस में कहा गया कि फिल्म कथित तौर पर 1998 के चर्चित ब्लैकबक शिकार मामले से प्रेरित है और इससे अभिनेता की छवि को नुकसान पहुंच सकता है। साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि मामला अभी भी राजस्थान हाई कोर्ट में लंबित है, इसलिए इस पर आधारित कोई फिल्म न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
विवाद तब और बढ़ गया जब फिल्म का पोस्टर सामने आया। पोस्टर में एक व्यक्ति को बंदूक के साथ दिखाया गया था, जिसका लुक कई लोगों को सलमान खान से मिलता-जुलता लगा। इसी आधार पर सोशल मीडिया पर चर्चाएं शुरू हो गई कि फिल्म अप्रत्यक्ष रूप से सलमान खान और ब्लैकबक केस को केंद्र में रखकर बनाई जा रही है।
हिंदी विरोध से सत्ता मिल सकती है, देश का ज्ञान समाप्त हो जायेगा : फडनवीस!



