महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर बताया कि जब बच्चा 6 महीने का हो जाता है, तो उसके शरीर की जरूरतें बढ़ने लगती हैं। इस समय उसे दूध के साथ-साथ घर का बना हल्का और पौष्टिक खाना देना शुरू करना चाहिए।
शुरुआत में बच्चे को बहुत कम मात्रा में खाना देना चाहिए। लगभग 3 से 4 चम्मच से शुरुआत करें और देखें कि बच्चा कैसे प्रतिक्रिया देता है। अगर बच्चा अच्छे से खा रहा है और पचा पा रहा है, तो धीरे-धीरे मात्रा बढ़ाई जा सकती है। आमतौर पर 6 से 7 महीने के बच्चे को दिन में दो बार एक छोटी कटोरी खाना दिया जा सकता है।
जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, उसकी भूख और जरूरतें भी बढ़ती हैं। 7 से 8 महीने के बच्चे को दिन में दो कटोरी भोजन दिया जा सकता है। 9 से 11 महीने के बच्चे के लिए यह मात्रा बढ़ाकर तीन कटोरी तक की जा सकती है। वहीं 12 से 24 महीने के बच्चे को दिन में चार से पांच कटोरी तक हल्का और पौष्टिक खाना दिया जा सकता है।
इसके साथ यह भी जरूरी है कि माता-पिता बच्चे की भूख के संकेतों को समझें। हर बच्चे की भूख अलग होती है, इसलिए उसे जबरदस्ती खिलाने की बजाय उसके संकेतों को समझकर खाना देना चाहिए। बच्चे को खेल-खेल में और प्यार से खाना खिलाना चाहिए, ताकि वह खाने में रुचि ले।
छोटे बच्चों को पहले दूध पिलाना चाहिए और उसके बाद ठोस भोजन देना चाहिए। इससे बच्चे को दोनों तरह का पोषण मिल जाता है।
