प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से पांच देशों के दौरे पर

ऊर्जा सुरक्षा, हरित प्रौद्योगिकी और वैश्विक साझेदारी पर रहेगा जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से पांच देशों के दौरे पर

Prime Minister Narendra Modi on a five-nation tour from today

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 मई से संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली के पांच देशों के दौरे पर जा रहे हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ते ऊर्जा संकट के बीच यह दौरा भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच भारत ऊर्जा सुरक्षा के नए विकल्प तलाश रहा है।

इस दौरे की शुरुआत संयुक्त अरब अमीरात से होगी। भारत के लिए यूएई तेल और प्राकृतिक गैस का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता देश है। प्रधानमंत्री मोदी और यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान के बीच ऊर्जा सहयोग, दीर्घकालिक एलएनजी समझौते, रणनीतिक तेल भंडारण और निवेश जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए यूएई से दीर्घकालिक तेल और गैस आपूर्ति की गारंटी प्राप्त करने का प्रयास करेगा।

भारत और यूएई के संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी भी है। यूएई में लगभग 45 लाख भारतीय रहते हैं। ऐसे में व्यापार, निवेश, तकनीक और लोगों के बीच संबंधों को भी इस यात्रा में विशेष महत्व दिया जाएगा।

इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी नीदरलैंड्स का दौरा करेंगे, जहां हरित हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, जल प्रबंधन और रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर रहेगा। नीदरलैंड्स भारत में बड़े निवेशकों में शामिल है और दोनों देशों के बीच व्यापार तेजी से बढ़ रहा है। हरित प्रौद्योगिकी और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग की नई संभावनाएं तलाश की जाएंगी।

स्वीडन दौरे के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हरित ऊर्जा, स्टार्टअप, जलवायु परिवर्तन और रक्षा सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा होगी। स्वीडन तकनीक और सतत विकास के लिए जाना जाता है, इसलिए भारत हरित परिवर्तन और आधुनिक उद्योगों के लिए उसके साथ साझेदारी मजबूत करना चाहता है।

नॉर्वे का दौरा विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। करीब 43 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नॉर्वे यात्रा हो रही है। यहां भारत-नॉर्डिक सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के नेता भी शामिल होंगे। सम्मेलन में स्वच्छ ऊर्जा, ब्लू इकॉनमी, समुद्री प्रौद्योगिकी, अक्षय ऊर्जा और आर्कटिक क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा होगी। भारत हरित तकनीक और समुद्री अर्थव्यवस्था में नॉर्डिक देशों के अनुभव का लाभ लेना चाहता है।

इटली दौरे में प्रधानमंत्री मोदी, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच रक्षा, विनिर्माण, खाद्य सुरक्षा और निवेश जैसे विषयों पर बातचीत होगी। इसके अलावा मोदी रोम स्थित खाद्य एवं कृषि संगठन के मुख्यालय का भी दौरा करेंगे। इससे वैश्विक खाद्य सुरक्षा और टिकाऊ कृषि के क्षेत्र में भारत की भूमिका और मजबूत होने की उम्मीद है।

इस पूरे दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करना, हरित ऊर्जा में निवेश बढ़ाना, तकनीकी साझेदारी को मजबूत करना और वैश्विक मंच पर भारत के रणनीतिक संबंधों को और गहरा करना है। पश्चिम एशिया की अस्थिरता और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत खुद को एक विश्वसनीय और प्रभावशाली वैश्विक साझेदार के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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