अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सचिव अंबा प्रसाद ने सोमवार को रांची स्थित कांग्रेस भवन में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा की साख आज पूरी तरह दांव पर लग चुकी है, जो भारत के लाखों होनहार छात्रों और उनके अभिभावकों के सपनों व भविष्य के साथ सीधे तौर पर एक क्रूर खिलवाड़ है।
अंबा प्रसाद ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस संस्था को पारदर्शी परीक्षाएं आयोजित करने का अति-महत्वपूर्ण जिम्मा सौंपा गया था, वह आज खुद प्रशासनिक विफलताओं का सबसे बड़ा पर्याय बन चुकी है।
एआईसीसी सचिव ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय लगातार हो रही इन गड़बड़ियों पर मूकदर्शक बने हुए हैं। हर बार सिर्फ जांच और कार्रवाई का रटा-रटाया आश्वासन देकर सरकार अपनी जवाबदेही से पल्ला झाड़ लेती है, जिसका नतीजा यह है कि आज देश का युवा भारत की परीक्षा प्रणाली पर से पूरी तरह विश्वास खो चुका है।
इसी पृष्ठभूमि में कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल पद से इस्तीफा देने की मांग की है। अंबा प्रसाद ने नीट पेपर लीक प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र और उच्चस्तरीय कमेटी से कराने की मांग की।
कांग्रेस सचिव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश भर के प्रभावित छात्रों की मुखर आवाज बनकर इस मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक पुरजोर तरीके से उठाती रहेगी।
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