मलिहाबाद किला विवाद: मौलाना रिजवी बोले, पासी समाज का दावा पूरी तरह गलत!

उन्होंने कहा कि यह एक ट्रेंड चल गया है कि हर शख्स कहीं न कहीं, किसी न किसी मामले को लेकर विवाद खड़ा कर हिंदू-मुस्लिम सौहार्द को बिगाड़ना चाहता है। ऐसे चेहरों और ताकतों को जनता समझे।

मलिहाबाद किला विवाद: मौलाना रिजवी बोले, पासी समाज का दावा पूरी तरह गलत!

Malihabad-Fort-Dispute-Maulana-Rizvi-States-Pasi-Communitys-Claim-Is-Completely-False

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी ने लखनऊ के मलिहाबाद किले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि पासी समाज की ओर से जिस किले की बात की जा रही है, वह पासी समाज का किला नहीं है।

यह अवध के नवाबों में से एक नवाब का किला था और बगल में जो कब्रिस्तान है, वह मलिहाबाद के रहने वाले एक परिवार का है। जिस मस्जिद की बात हो रही है, वह नवाब की ओर से बनवाई गई थी।

मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी ने कहा कि पासी समाज का दावा भ्रमित करने वाला, गलत और इतिहास के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि यह एक ट्रेंड चल गया है कि हर शख्स कहीं न कहीं, किसी न किसी मामले को लेकर विवाद खड़ा कर हिंदू-मुस्लिम सौहार्द को बिगाड़ना चाहता है। ऐसे चेहरों और ताकतों को जनता समझे। उन चेहरों के आईने की तरह समाज में बेनकाब करने की जरूरत है।

वहीं, महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नीतीश राणे के बयान पर शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी ने कहा कि नीतीश राणे को कैसे समझाया जाए, किस तरह उनको इस्लाम का पाठ पढ़ाया जाए। कैसे उनको बताया जाए कि इस्लाम में वर्चुअल का कोई फलसफा नहीं है बल्कि इस्लाम प्रैक्टिकल की बात करता है। इस्लाम के उसूलों पर मुसलमान अमल करते हैं और यहां वर्चुअल कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि कुर्बानी हमेशा होती आई है और होती रहेगी।

मदरसों को लेकर नीतीश राणे के बयान पर शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी ने कहा कि उनके इन बयानों से लगता है कि वे अज्ञानी हैं। उन्होंने न कभी इस्लाम का अध्ययन किया और न कभी मदरसों के बारे में जाना। नीतीश राणे को मदरसों का इतिहास पढ़ना चाहिए।

यह भी पढ़ें-

अफगानिस्तान में नशे पर बड़ा प्रहार, 1,000 एकड़ पोस्त फसल नष्ट!

Exit mobile version