जर्मनी के गुरुद्वारे में संघर्ष; हथियारों के साथ 40 लोग भिड़े, 11 लोग घायल

जर्मनी के गुरुद्वारे में संघर्ष; हथियारों के साथ 40 लोग भिड़े, 11 लोग घायल

Clashes at a Gurdwara in Germany: 40 people armed with weapons clash, 11 injured

जर्मनी के नॉर्थ राइन-वेस्टफेलिया राज्य के मोअर्स शहर में, ड्युइसबर्ग स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा में हिंसा की सनसनीखेज़  घटना सामने आई है। पेपर स्प्रे, चाकू, कृपाण और एक आग्नेयास्त्र से लैस 40 से अधिक लोगों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस संघर्ष में कम से कम 11 लोग घायल हो गए, जिसके बाद पुलिस को बड़ी कार्रवाई करनी पड़ी। जर्मन अखबार ‘बिल्ड’ के अनुसार, विशेष पुलिस को भी तैनात किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह झगड़ा गुरुद्वारे के आर्थिक लेन-देन और प्रबंधन को लेकर हुए विवाद से जुड़ा हो सकता है, हालांकि जर्मन पुलिस ने अभी तक इसका सटीक कारण स्पष्ट नहीं किया है।

रविवार दोपहर यह झड़प शुरू हुई और जल्द ही हिंसक रूप ले लिया। इसमें एक समूह द्वारा सुनियोजित हमला किए जाने की बात सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विरोधियों को भ्रमित करने के लिए पहले पेपर स्प्रे का इस्तेमाल किया गया, जिसके बाद चाकू और बंदूक से हमला किया गया। एक 56 वर्षीय प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हमला पहले से योजना बनाकर किया गया था, “प्रार्थना से कुछ समय पहले हमलावरों ने पेपर स्प्रे का इस्तेमाल किया, फिर एक व्यक्ति ने पिस्तौल चलाई। मैंने चाकू भी देखे।”

यह माना जा रहा है कि यह हिंसा गुरुद्वारा समुदाय के भीतर लंबे समय से चल रहे आंतरिक विवाद का परिणाम है, जिसका केंद्र समिति पर नियंत्रण, प्रभाव और कथित आर्थिक मतभेद हैं। प्रत्यक्षदर्शी ने आगे कहा, “इसकी पृष्ठभूमि पूर्व और वर्तमान समिति सदस्यों के बीच विवाद है। इसमें समुदाय के पैसे भी शामिल हैं। काफी समय से समस्याएं चल रही हैं, लेकिन मुख्य मुद्दा प्रभाव और मंदिर में किसकी बात मानी जाए, यही है।”

घटनास्थल पर मौजूद एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि यह विवाद गुरुद्वारे की ‘गोलक’ (दानपेटी) को लेकर और चुनाव में हार के बाद पूर्व प्रबंधन द्वारा फिर से नियंत्रण हासिल करने की कोशिश के कारण भड़का। हिंसा के दौरान कई श्रद्धालु डरकर गुरुद्वारे से भाग गए। इस घटना में 11 लोगों के घायल होने की खबर है, जिनमें से अधिकतर को सिर में चोट लगी है।

हिंसा की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया। ‘बिल्ड’ की रिपोर्ट के अनुसार, गोलीबारी की सूचना के बाद ड्युस्सेलडॉर्फ की स्पेशल टास्क फोर्स (SEK) समेत करीब 100 अधिकारियों ने इमारत को घेर लिया। सशस्त्र जवानों ने मोर्चा संभाला, जबकि एक हेलिकॉप्टर से हवाई निगरानी की गई। अंदर हथियारबंद संदिग्धों की आशंका के चलते गुरुद्वारे को सील कर दिया गया और सबमशीन गन से लैस SEK अधिकारियों ने परिसर में प्रवेश किया। हालांकि, कोई बंदूकधारी नहीं मिला। वहीं एक संदिग्ध को हिरासत में लिए जाने की बात की गई है।

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