मिशन के अनुसार, यदि आपको दो हफ्ते से ज्यादा समय तक लगातार खांसी आ रही हो, खून के साथ खांसी यानी हेमोप्टिसिस, सीने में दर्द, बिना किसी कारण वजन घटना, भूख न लगना, शाम को तेज बुखार आना, रात में पसीना आना, लगातार थकान महसूस होना व गर्दन में सूजन जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।
ये लक्षण टीबी के हो सकते हैं। टीबी मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है, लेकिन यह शरीर के अन्य हिस्सों जैसे गर्दन, हड्डी, मस्तिष्क आदि को भी प्रभावित कर सकती है।
टीबी हवा के जरिए फैलती है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बोलने से बैक्टीरिया हवा में फैल सकते हैं। इसलिए लक्षण दिखने पर खुद को दूसरों से अलग रखना और समय पर दवा शुरू करना बहुत जरूरी है। एनएचएम लोगों से अपील कर रहा है कि वे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। जागरूकता और समय पर इलाज से टीबी को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
टीबी से बचाव के लिए सावधानियां रखनी चाहिए जैसे स्वच्छता बनाए रखें, अच्छा और पौष्टिक भोजन करें, भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करें, लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं टीबी से बचाव और इलाज दोनों संभव है। छोटी सी सावधानी बड़ी समस्या से बचा सकती है।
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