बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को दिवंगत सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले को लेकर रजिस्ट्री को स्पेशल बेंच को सौंपने का निर्देश दिया। दिशा के पिता सतीश सालियान की दायर रिट याचिका पर इस दिन सुनवाई होनी थी।
याचिका में दिशा की मौत की सीबीआई जांच और शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। यह सुनवाई जस्टिस रेवती मोहिते-ढेरे और जस्टिस गौरी गोडसे की खंडपीठ के समक्ष होनी थी, लेकिन अब यह मामला किसी अन्य बेंच के पास भेजा जाएगा।
दिशा सालियान के वकील नीलेश ओझा ने कोर्ट में तर्क दिया कि यह मामला महिलाओं के खिलाफ अपराध की श्रेणी में आता है, इसलिए इसे जस्टिस सारंग कोतवाल की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच के समक्ष सुना जाना चाहिए। कोर्ट ने इस पर सहमति जताते हुए रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि याचिका को उचित बेंच के पास भेजा जाए।
ओझा ने कहा, “कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि यह मामला महिलाओं के खिलाफ अपराध की श्रेणी में आता है, इसलिए जस्टिस सारंग कोतवाल की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच के समक्ष सुनवाई होनी चाहिए। हाईकोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि याचिका को सही बेंच के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए। हालांकि, अगली सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं की गई है।”
याचिका में क्या हैं आरोप?
सतीश सालियान की याचिका में उनकी बेटी की मौत की नए सिरे से जांच और कुछ प्रभावशाली लोगों से पूछताछ की मांग शामिल है। याचिका में दावा किया गया है कि दिशा सालियान के साथ बलात्कार हुआ और फिर उनकी हत्या कर दी गई।
गौरतलब है कि पांच साल पहले, सतीश सालियान ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनकी बेटी के साथ ना तो बलात्कार हुआ और ना ही उसकी हत्या की गई। इस पर सवाल उठने पर, उनके वकील नीलेश ओझा ने कहा, “कुछ राजनीतिक नेताओं और पुलिस अधिकारियों ने परेशान पिता को गुमराह किया ताकि एक बड़े राजनेता के बेटे को बचाया जा सके।”
एफआईआर में किनके नाम?
नीलेश ओझा ने 25 मार्च को दिशा सालियान की मौत के मामले में एक नई एफआईआर दर्ज करवाई थी। उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नर के पास लिखित शिकायत दी गई है और एफआईआर में आदित्य ठाकरे, डिनो मोरिया और सूरज पंचोली का नाम दर्ज है। ओझा के अनुसार, “एफआईआर में आदित्य ठाकरे, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली के अलावा उनके बॉडीगार्ड, पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह, निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे और रिया चक्रवर्ती भी आरोपी हैं।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि परमबीर सिंह इस पूरे मामले को दबाने के मास्टरमाइंड थे। ओझा ने कहा, “परमबीर सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर झूठी कहानी गढ़ी ताकि आदित्य ठाकरे को बचाया जा सके।” अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि हाईकोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई कब होगी और क्या दिशा सालियान की मौत को लेकर कोई नई जांच शुरू होती है।
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