29.9 C
Mumbai
Tuesday, October 20, 2026
होमदेश दुनियाजानिए भारत-EU व्यापार समझौता क्यों कहलाएगा ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’

जानिए भारत-EU व्यापार समझौता क्यों कहलाएगा ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’

2 अरब उपभोक्ता, वैश्विक GDP का 25%

Google News Follow

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच वर्षों से चली आ रही मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की बातचीत अब अपने निर्णायक चरण में पहुंचती दिख रही है। विश्व आर्थिक मंच (WEF), दावोस में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के ताजा बयान ने संकेत दिया है कि यह बहुप्रतीक्षित समझौता जल्द ही आकार ले सकता है। यदि यह अगले सप्ताह औपचारिक रूप से संपन्न होता है, तो भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह को वैश्विक स्तर पर विशेष महत्व मिल सकता है।

दावोस में बोलते हुए वॉन डेर लेयेन ने कहा कि भारत और EU के बीच बातचीत एक ऐतिहासिक मोड़ पर है। उन्होंने कहा, “दावोस के तुरंत बाद, अगले सप्ताहांत मैं भारत की यात्रा करूंगी। अभी कुछ काम बाकी है, लेकिन हम एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते के मुहाने पर खड़े हैं, कुछ लोग इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहते हैं।” इस समझौते से लगभग दो अरब लोगों का संयुक्त बाजार बनेगा और यह वैश्विक GDP के करीब 25 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करेगा।

भारत-EU FTA की शुरुआत 2007 में ब्रॉड बेस्ड ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट एग्रीमेंट (BTIA) के रूप में हुई थी। 2013 तक कई दौर की बातचीत के बावजूद बाजार पहुंच, शुल्क, बौद्धिक संपदा अधिकार, श्रम और पर्यावरण मानकों जैसे मुद्दों पर मतभेदों के कारण प्रक्रिया ठप हो गई। 2022 में इसे नए सिरे से शुरू किया गया।

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने और संरक्षणवादी नीतियों के सख्त होने के बाद, भारत और यूरोप दोनों के लिए वैकल्पिक और भरोसेमंद साझेदार ढूंढने की जरूरत और बढ़ गई है। इसी पृष्ठभूमि में इस समझौते को गति मिली।

पैमाना ही इसकी ताकत:

यह समझौता भारत का अब तक का सबसे बड़ा और जटिल व्यापार समझौता माना जा रहा है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल पहले ही इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” करार दे चुके हैं। उन्होंने कहा था, “मैं अब तक सात व्यापार समझौते कर चुका हूं, सभी विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ। यह सभी में सबसे बड़ा होगा।”

27 सदस्यीय EU के साथ यह FTA वस्तुओं, सेवाओं, निवेश, तकनीक हस्तांतरण और नियामकीय सहयोग को कवर करेगा। 2024-25 में भारत-EU द्विपक्षीय व्यापार 136.53 अरब डॉलर रहा, जिसमें भारत का निर्यात 75.85 अरब डॉलर और आयात 60.68 अरब डॉलर रही।

दोनों पक्षों को लाभ:

विशेषज्ञों के अनुसार, इस समझौते से भारत के श्रम-प्रधान क्षेत्र से कपड़ा, परिधान, चमड़ा और फुटवियर को बड़ा फायदा मिल सकता है। वहीं फार्मास्यूटिकल्स, रसायन और आईटी जैसी उच्च-मूल्य सेवाओं को बाज़ार में पहुंच मिलेगी। EU के लिए यह समझौता भारत जैसे तेजी से बढ़ते बाजार में शराब, ऑटोमोबाइल, मशीनरी और लक्ज़री उत्पादों के लिए नए अवसर खोलेगा।

हालांकि, कृषि, डेयरी, ऑटोमोबाइल शुल्क, कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म और TRIPS-प्लस जैसे मुद्दों पर मतभेद अब भी बने हुए हैं। इसके बावजूद, गणतंत्र दिवस पर EU नेतृत्व की मौजूदगी और दावोस से आए संकेतों ने उम्मीदें बढ़ा दी हैं कि भारत और यूरोपीय संघ जल्द ही इस बहुप्रतीक्षित, वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली समझौते पर मुहर लगा सकते हैं।

यह भी पढ़ें:

दावोस 2026: डब्ल्यूईएफ में डोनाल्ड ट्रंप से मिलेंगे शीर्ष भारतीय सीईओ!

भारत का टेक्सटाइल सेक्टर रोजगार सृजन का सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन : पीएम मोदी!

डाक चैनल से निर्यात पर भी मिलेंगे लाभ, एमएसएमई को फायदा!

संभल हिंसा के मास्टरमाइंड की संपत्ति होगी कुर्क, वारंट जारी

National Stock Exchange

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited
[td_block_social_counter open_in_new_window="y" style="style6 td-social-boxed" block_template_id="td_block_template_9" border_color="#fbd54a" f_header_font_size="26" f_header_font_weight="700" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXRvcCI6IjAiLCJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzAiLCJwYWRkaW5nLXRvcCI6IjAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn19" custom_title="हमें फॉलो करें" facebook="NewsDankaHindi" twitter="NewsDanka" youtube="channel/UCqtL0xCsgAmB3XXrh9nln2Q" manual_count_twitter="526" f_header_font_family="668"]

अन्य लेटेस्ट खबरें