बुधवार तक ईरान के साथ समझौता नहीं हुआ तो फिर होंगे हमले!

डोनाल्ड ट्रम्प की चेतावनी

बुधवार तक ईरान के साथ समझौता नहीं हुआ तो फिर होंगे हमले!

If there is no agreement with Iran by Wednesday, there will be attacks again!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि यदि बुधवार (22 अप्रैल)तक शत्रुता समाप्त करने के लिए व्यापक समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के साथ युद्धविराम समाप्त किया जा सकता है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच उन्होंने संकेत दिया कि सैन्य संघर्ष फिर से बढ़ सकता है। एरिज़ोना के फीनिक्स शहर से वॉशिंगटन लौटते समय एयर फोर्स वन विमान में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रम्प ने युद्धविराम बढ़ाने को लेकर अनिश्चितता जताई।

उन्होंने कहा, “शायद मैं इसे आगे नहीं बढ़ाऊंगा, लेकिन (ईरान के बंदरगाहों पर) नाकेबंदी जारी रहेगी।” ट्रम्प ने आगे कहा कि नाकेबंदी बनी रहेगी और दुर्भाग्य से हमें फिर से बमबारी शुरू करनी पड़ सकती है। उनकी यह टिप्पणी अमेरिका और ईरान के बीच रुकी हुई कूटनीतिक कोशिशों के बीच आई है, जिसमें पाकिस्तान में हाल ही में हुई अप्रत्यक्ष वार्ता भी असफल रही। हालांकि पर्दे के पीछे चल रही बातचीत से तनाव कम होने की उम्मीद बनी थी, लेकिन प्रतिबंधों में राहत, परमाणु प्रतिबद्धता और समुद्री सुरक्षा जैसे प्रमुख मुद्दों पर दोनों पक्षों में मतभेद बरकरार हैं।

दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति संभालने वाले अहम वैश्विक ऊर्जा मार्ग   होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास जारी तनाव ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। भले ही वॉशिंगटन ने इस जलमार्ग को खुला और सुरक्षित बताया हो, लेकिन तेहरान ने बार-बार चेतावनी दी है कि अमेरिकी दबाव जारी रहने पर प्रवेश सीमित किया जा सकता है।

अमेरिका ने अप्रैल के मध्य से ईरान के बंदरगाहों को निशाना बनाते हुए नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी है, जिसका उद्देश्य तेहरान से जुड़े समुद्री आवागमन को सीमित करना है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई के तहत ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश या बाहर निकलने की कोशिश करने वाले जहाजों को वापस भेजा गया है। हालांकि ईरान ने इस कदम को अवैध और उकसाने वाला बताया है। ईरानी नेताओं ने जलडमरूमध्य की स्थिति और व्यापक वार्ताओं को लेकर अमेरिका के दावों को भी खारिज किया है।

तेहरान के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यदि नाकेबंदी जारी रहती है, तो इसका सीधा असर होर्मुज मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर पड़ सकता है, जिससे पहले से ही संवेदनशील वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ गई है। दोनों पक्ष सार्वजनिक रूप से समझौते के लिए सकारात्मक रुख दिखा रहे हैं, लेकिन ट्रम्प के हालिया बयान से यह स्पष्ट होता है कि उनके बीच मतभेद बढ़ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति एक ओर समझौते को लेकर आशावाद जताते हैं, तो दूसरी ओर वार्ता विफल होने पर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी भी देते हैं।

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