“भारत को एक हस्ताक्षर पर तेल मिल जाता है, पाकिस्तान को नहीं!”

भारत से तुलना करते हुए ऊर्जा संकट पर पाकिस्तानी पेट्रोलियम मंत्री की स्वीकारोक्ति

“भारत को एक हस्ताक्षर पर तेल मिल जाता है, पाकिस्तान को नहीं!”

“India gets oil with one signature, Pakistan doesn't!”

ईरान-अमेरिका संघर्ष में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान के सामने अब गंभीर ऊर्जा संकट खड़ा हो गया है। पाकिस्तान के केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने देश के ईंधन भंडार को लेकर चिंता जताई है। ‘समा टीवी’ के ‘नदीम मलिक लाइव’ कार्यक्रम में बोलते पाकिस्तानी पेट्रोलियम मंत्री चेतावनी दी कि देश के पास केवल 5 से 7 दिनों का कच्चे तेल का भंडार बचा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और लाल सागर संकट के कारण पाकिस्तान की आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह प्रभावित हुई है। यदि आने वाले दिनों में नया तेल नहीं पहुंचा, तो देश में परिवहन और उद्योग पूरी तरह ठप हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के सीमित रणनीतिक भंडार को देखते हुए तुरंत ‘ऊर्जा सुरक्षा योजना’ की जरूरत है।

साक्षात्कार के दौरान मंत्री ने कहा कि, वर्तमान में पाकिस्तान के पास केवल 5 से 7 दिनों का ही कच्चे तेल का भंडार है। उनके अनुसार, यह स्थिति भंडारण क्षमता बढ़ाने और दीर्घकालिक ऊर्जा तैयारी में सुधार की तत्काल आवश्यकता को दर्शाती है। अली परवेज मलिक ने भारत की रणनीतिक क्षमता का जिक्र करते हुए अपनी सीमाएं स्वीकार कीं। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि पाकिस्तान भारत जितना सक्षम नहीं है। भारत एक ही हस्ताक्षर में अपने भंडार से 60-70 दिनों का तेल जारी कर सकता है, जबकि पाकिस्तान के पास बाहरी झटकों को झेलने की क्षमता बेहद सीमित है।

उन्होंने यह भी बताया कि देश के पास एक दिन के लिए भी अतिरिक्त पेट्रोल का भंडार उपलब्ध नहीं है। इस संकट के लिए उन्होंने ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को जिम्मेदार ठहराया। उनके मुताबिक, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष जल्द खत्म होता नहीं दिख रहा, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी अनिश्चितता पैदा हो गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान को तुरंत एक मजबूत ऊर्जा सुरक्षा नीति अपनानी चाहिए।

इतिहास में दुबई क्रूड की कीमतें कभी 170 डॉलर तक नहीं पहुंची थीं, जो वैश्विक बाजार में गंभीर अस्थिरता का संकेत है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की परेशानी कम करने की कोशिश कर रही है और जहां संभव है, वहां सब्सिडी देने का प्रयास किया गया है। ईरान-अमेरिका संघर्ष से बनी वैश्विक अनिश्चितता के बीच भी पेट्रोल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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