गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव 2026 के लिए जारी मतगणना के शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने स्पष्ट बढ़त बना ली है। मंगलवार सुबह 11 बजे तक उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पार्टी ने नगर निगमों, नगरपालिकाओं और पंचायतों में कुल 573 सीटों पर बढ़त या जीत दर्ज कर ली है। वहीं कांग्रेस 95 सीटों पर और अन्य दल व निर्दलीय उम्मीदवार 40 सीटों पर आगे या विजयी बताए गए हैं।
नगर निगमों (Municipal Corporations) में भाजपा ने अब तक 51 सीटें जीत ली हैं, जिनमें से 41 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। नगरपालिकाओं (Nagarpalikas) में भी पार्टी का दबदबा कायम है, जहां वह 428 सीटों पर आगे है, जबकि कांग्रेस 25 और अन्य सात सीटों पर हैं।
जिला पंचायतों में भाजपा ने 64 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस को केवल एक सीट मिली है। वहीं तालुका पंचायतों में भाजपा 357 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस 24 और अन्य 14 सीटों पर हैं।
कुछ प्रमुख नगरपालिकाओं में भी भाजपा ने मजबूत प्रदर्शन किया है। पाटड़ी नगरपालिका में पार्टी ने सभी 24 सीटों पर जीत हासिल की, जिनमें 16 सीटें निर्विरोध रहीं। वीरमगाम नगरपालिका में 36 सदस्यीय निकाय में भाजपा ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है, जहां 13 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने गए थे और छह सीटों पर जीत दर्ज की गई।
ढोलका नगरपालिका में भी भाजपा ने बढ़त बनाई है, जहां 36 में से 21 सीटों के परिणाम घोषित हो चुके हैं। इनमें 11 सीटें निर्विरोध और 10 सीटें मतदान के जरिए जीती गई हैं।
इन चुनावों के तहत राज्य में 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतों में मतदान हुआ था। 26 अप्रैल को हुए मतदान के बाद मंगलवार (28 अप्रैल)को राज्यभर के विभिन्न केंद्रों पर मतगणना शुरू हुई।
मतदान प्रतिशत विभिन्न स्तरों पर अलग-अलग है। नगर निगमों में 49.02 प्रतिशत, नगरपालिकाओं में 59.50 प्रतिशत, जिला पंचायतों में 61.69 प्रतिशत और तालुका पंचायतों में 62.38 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। वहीं उपचुनावों में 55.38 प्रतिशत मतदान हुआ।
इन चुनावों को राज्य में जमीनी स्तर पर राजनीतिक ताकत का अहम संकेतक माना जा रहा है। चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं।
अधिकारियों के अनुसार, मतगणना अभी जारी है और दिनभर में और परिणाम सामने आने की उम्मीद है। शुरुआती रुझानों ने जहां बीजेपी की मजबूत स्थिति को दर्शाया है, वहीं कांग्रेस और अन्य दलों के लिए यह परिणाम चुनौतीपूर्ण संकेत माने जा रहे हैं।
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