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अंतर्राष्ट्रीय आईटी ओलंपिक्स में भारतीय छात्रों को आमंत्रण, डिजिटल प्रतिभाओं को दिखाने का वैश्विक मंच!

प्रतिभागियों को इन समस्याओं को हल कर 'फ्लैग' नामक विशेष कोड खोजकर प्रस्तुत करना होगा, जिससे यह पुष्टि होगी कि कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया है।

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दुनिया भर के 14 से 18 वर्ष के छात्रों को अंतर्राष्ट्रीय आईटी ओलंपिक्स में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। रूस के निज़नी नोवगोरोड क्षेत्र में आयोजित होने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारतीय छात्रों के लिए भी पंजीकरण के द्वार खुले हैं, जो तकनीकी प्रतिभा, डिजिटल कौशल और साइबर सुरक्षा में रुचि रखते हैं।

यह ओलंपिक प्रतियोगिता रूसी सरकार के सहयोग से आयोजित की जा रही है और एसबीईआर बैंक इसका प्रमुख साझेदार है। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को आधुनिक प्रौद्योगिकियों में दक्ष बनाना और उन्हें वैश्विक नवाचार की मुख्यधारा से जोड़ना है।

एसबीईआर बैंक के चेयरमैन जर्मन ग्रेफ ने कहा, “आज की दुनिया में सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग कर हम बेहद जटिल और बिखरी प्रक्रियाओं को जोड़ सकते हैं। यह संपूर्ण टेक्नोलॉजी स्टैक का प्रबंधन करने से संभव हो पाया है। मानवता इस समय ज्ञान और खोजों के एक नए युग की दहलीज पर खड़ी है, और युवा इस यात्रा के अग्रणी बन सकते हैं।”

ग्रेफ ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा, “केवल आत्मविश्वासी लोग ही इस ओलंपियाड में भाग लेते हैं और मैं आपको इसके लिए शुभकामनाएं देता हूं।”

प्रतियोगिता तीन चरणों में आयोजित होगी, पहला चरण (अब तक का पंजीकरण – अंतिम तिथि: 18 अप्रैल):
इसमें प्रतिभागियों को 15 सैद्धांतिक और व्यावहारिक समस्याएं हल करनी होंगी, जो साइबर सुरक्षा, डेटा विश्लेषण, एल्गोरिदम, वर्ड प्रोसेसिंग, एआई मॉडलिंग, सूचना सुरक्षा और गणितीय लॉजिक से संबंधित होंगी। इस चरण के बाद प्रतिभागियों को प्रदर्शन के आधार पर प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।

दूसरे चरण का आयोजन 23 से 25 अप्रैल के बीच किया जाएगा, जो एक टीम सेमीफाइनल होगा। यह चरण ‘कैप्चर द फ्लैग’ (CTF) प्रारूप में आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक टीम में पांच प्रतिभागी होंगे। टीमों को विभिन्न स्तर की साइबर सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करना होगा। इस चरण में प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग, क्रिप्टएनालिसिस (कोड तोड़ना), रिवर्स इंजीनियरिंग, वेब वल्नरेबिलिटी (वेब सुरक्षा में कमियां खोजने), और कंप्यूटर फॉरेंसिक जैसे विषयों पर आधारित समस्याएं दी जाएंगी। प्रतिभागियों को इन समस्याओं को हल कर ‘फ्लैग’ नामक विशेष कोड खोजकर प्रस्तुत करना होगा, जिससे यह पुष्टि होगी कि कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया है।

फाइनल चरण (30 मई से 3 जून), सर्वश्रेष्ठ 100 प्रतिभागी स्कूल 21 परिसर, निज़नी नोवगोरोड में आयोजित फेस-टू-फेस फाइनल में भाग लेंगे। विजेताओं को “औद्योगिक रूस का डिजिटलीकरण” सम्मेलन में सम्मानित किया जाएगा।

प्रतियोगिता के आयोजकों का मानना है कि डिजिटल दक्षता और साइबर सुरक्षा आने वाले वर्षों में न केवल पेशेवर सफलता बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की रीढ़ साबित होंगी। यह ओलंपियाड न केवल प्रतिभा को पहचानने का मंच है, बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर पर योगदान देने का अवसर भी प्रदान करता है।

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