ईरान-हिज़्बुल्लाह के हमलों से इज़राइल में तबाही, 100 से अधिक नागरिक घायल

रिहायशी इलाकों पर मिसाइलें गिरीं

ईरान-हिज़्बुल्लाह के हमलों से इज़राइल में तबाही, 100 से अधिक नागरिक घायल

Iran-Hezbollah attacks wreak havoc in Israel, injuring over 100 civilians

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच रविवार (22 मार्च 2026) को इज़राइल पर हुए ताजा हमलों में 100 से अधिक नागरिक घायल हो गए। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों ने दक्षिणी इज़राइल के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया, जबकि उत्तर में हिज़बुल्ला ने रॉकेट हमले तेज कर दिए।

दक्षिणी इज़राइल के डिमोना शहर में सबसे अधिक नुकसान हुआ। यहां एक स्कूल इमारत को निशाना बनाया गया, यह इमारत हमले में ढह गई। इस घटना में कम से कम 47 लोग घायल हुए, जिनमें 10 वर्षीय बच्चा भी शामिल है, जिसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। शहर में कई स्थानों पर मिसाइल के टुकड़ों (श्रैप्नल) से नुकसान की खबर है।

दूसरा बड़ा हमला अरद में हुआ, जहां कई लोग घायल हुए हैं। इनमें से सात लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इज़राइली रक्षा अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि इन हमलों को रोकने में सैन्य प्रणाली विफल रही। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की मिसाइलों को पहले भी इंटरसेप्ट किया गया है और अब पूरे मामले की जांच की जा रही है।

डिमोना हमले के बाद पास स्थित नेगेव परमाणु अनुसंधान केंद्र को लेकर भी चिंता जताई गई। हालांकि अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने स्पष्ट किया कि इस परमाणु केंद्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और रेडिएशन स्तर सामान्य हैं। एजेंसी ने कहा कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

उत्तरी इज़राइल में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। कफ़र वरादीम और मा’अलोत-तरशिहा जैसे इलाकों में रॉकेट हमलों से कम से कम 19 लोग घायल हुए। केफ़र वरादीम में एक घर पर सीधे रॉकेट गिरने से आग लग गई, जबकि माअलोत-तारशीहा में एक मकान को भारी नुकसान पहुंचा।

इससे पहले शनिवार (21 मार्च) को मध्य इज़राइल के रिशोन लेज़ियन में एक किंडरगार्टन पर कथित क्लस्टर मिसाइल हमले के चलते भारी नुकसान हुआ। हालांकि उस समय स्कूल बंद होने के कारण बच्चे मौजूद नहीं थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय मेयर रज़ किंस्टलिच ने कहा, “खिड़कियां उड़कर सड़क के दूसरी ओर जा गिरीं। यह बच्चों के सीखने की जगह है।” उन्होंने सुरक्षा स्थिति सामान्य होने तक शिक्षा व्यवस्था बंद रखने का निर्णय लिया है।

इस बीच, इज़राइल के रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने स्पष्ट किया है कि सैन्य अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा, “घरेलू मोर्चे की मजबूती हमें आगे बढ़ने की ताकत देती है और हम अपने लक्ष्य हासिल होने तक नहीं रुकेंगे।”

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