इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में शुक्रवार (7 नवंबर) को एक स्कूल परिसर स्थित मस्जिद में जुमे की नमाज़ के दौरान हुए विस्फोट में कम से कम 54 लोग घायल हो गए। यह घटना SMA 27 नामक राज्य- वित्त पोषित हाई स्कूल की मस्जिद में हुई, जो एक नेवी कंपाउंड के भीतर स्थित है। पुलिस के अनुसार, घायलों में कई लोग जलने की चोटों से पीड़ित हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
स्थानीय पुलिस प्रमुख असेप एदी सुहेरी ने बताया कि घायलों में ऐसे लोग भी हैं जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि कुछ अभी भी उपचाराधीन हैं। उन्होंने कहा कि घटनास्थल को सील कर दिया गया है और बम निरोधक दस्ता मौके पर जांच कर रहा है। अधिकारी अभी तक विस्फोट के कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं कर पाए हैं।
इस बीच, इंडोनेशियाई संसद के उपाध्यक्ष सुफ़मी डास्को अहमद ने बताया कि 17 वर्षीय एक छात्र को इस घटना का संदिग्ध माना जा रहा है। वह स्वयं भी विस्फोट में घायल हुआ है और अस्पताल में उसका ऑपरेशन चल रहा है। राज्य मीडिया एजेंसी अंतरा ने एक छात्र के हवाले से बताया कि संदिग्ध छात्र को स्कूल में बुली (उत्पीड़न) का सामना करना पड़ता था, जिसके चलते उसने बदला लेने और आत्महत्या करने की मंशा से यह कदम उठाया हो सकता है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोपहर के समय मस्जिद में चल रहे खुत्बा (जुमे का भाषण) के दौरान लगातार दो धमाके सुने गए। इंडोनेशिया के उप सुरक्षा समन्वय मंत्री लोडेविक फ्रेडरिक पॉलुस ने मीडिया को बताया कि विस्फोट मस्जिद के पिछले हिस्से और दरवाजे के पास हुए थे। उन्होंने जनता से अपील की कि अभी इसे आतंकी हमला मानकर निष्कर्ष पर न पहुँचा जाए। पुलिस ने कहा,“हम जांच के शुरुआती चरण में हैं। कृपया किसी भी तरह की अटकलें न लगाएँ। अधिकारियों को काम करने दें।”
फिलहाल क्षेत्र को पुलिस ने पूरी तरह से घेर लिया है और फॉरेंसिक व बम निरोधक टीमें घटनास्थल से सबूत एकत्र कर रही हैं। अधिकारियों द्वारा विस्फोटक सामग्री की प्रकृति और स्रोत की जांच जारी है। संदिग्ध 17 वर्षीय छात्र अस्पताल में उपचाराधीन है, जहाँ उसका ऑपरेशन चल रहा है। घटना के बाद स्कूल परिसर और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल है, लेकिन पुलिस का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और किसी भी तरह की अफवाह या अटकलें फैलाने से बचना चाहिए।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब इंडोनेशिया स्कूल परिसरों में बढ़ती हिंसा और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर पहले से चर्चा कर रहा है। आगामी जांच यह निर्धारित करेगी कि विस्फोट की प्रकृति घरेलू हिंसा, आपराधिक योजना या किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ी है या नहीं।
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