पाकिस्तान पर ऊर्जा संकट के बादल मंडरा रहे हैं, जिसके चलते वहां की सरकार ने नागरिकों और कारोबारियों के लिए कड़े प्रतिबंध लागू करने शुरू कर दिए हैं। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उससे बढ़ी ऊर्जा लागत के मद्देनज़र मितव्ययिता अभियान के तहत पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में व्यापारिक प्रतिष्ठानों के संचालन समय में बदलाव किया गया है। इसके अनुसार सोमवार से बाजारों और दुकानों को रात 8 बजे तक ही खुले रखने की अनुमति होगी।
अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण एशिया के ईंधन आयातक देशों पर दबाव बढ़ गया है। बढ़ती ऊर्जा कीमतों से महंगाई में इजाफा हो रहा है और विदेशी मुद्रा भंडार पर भी दबाव बढ़ रहा है। इसके परिणामस्वरूप सरकारों पर अपनी मुद्रा को सहारा देने और आर्थिक प्रभावों को सीमित रखने के लिए त्वरित कदम उठाने का दबाव है।
उपायुक्त इरफान मेमन के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि नया बंद होने का समय सप्ताह के सभी दिनों में लागू रहेगा। बाजारों को रात 8 बजे तक बंद करना अनिवार्य होगा, जबकि रेस्तरां और किराना दुकानें रात 10 बजे तक खुली रह सकेंगी।
पाकिस्तानी प्रशासन ने एक्स पर जारी बयान में कहा, “इस्लामाबाद जिला प्रशासन ने जारी मितव्ययिता उपायों के तहत आज (1 जून 2026) से व्यवसायों के संशोधित संचालन समय लागू कर दिए हैं। बाजार, दुकानें और शॉपिंग मॉल रात 8:00 बजे बंद होंगे, जबकि रेस्तरां, किराना दुकानें, बेकरी और अन्य खाद्य पदार्थों की दुकानें रात 10:00 बजे तक खुली रहेंगी।”
बयान में आगे कहा गया, “निकाह हॉल, मंडप और अन्य कार्यक्रम स्थल भी रात 10:00 बजे बंद होंगे। हालांकि दवा दुकानें, अस्पताल, पेट्रोल पंप, दूध की दुकानें, खेल सुविधाएं, कॉल सेंटर और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों को सेवाएं देने वाली आईटी कंपनियों सहित आवश्यक सेवाओं को इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है।”
ये प्रतिबंध निजी संपत्तियों पर आयोजित होने वाले समारोहों और अन्य आयोजनों पर भी लागू होंगे।
ईरान पर अमेरिका-इज़राइल के हमलों के बाद ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई थी। इसके बाद मार्च में पहली बार व्यापारिक समय घटाने का फैसला लिया गया। बिजली की खपत कम करने के उद्देश्य से सरकार ने कई मितव्ययिता उपाय लागू किए, जिनमें दुकानों को जल्दी बंद करना भी शामिल था।
हालांकि व्यापारी और व्यवसायी संगठन परंपरागत रूप से ऐसे कदमों का विरोध करते रहे हैं, क्योंकि अधिकांश बाजार आमतौर पर दोपहर के समय खुलते हैं और देर शाम तक संचालित होते हैं।
28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिका-इज़राइल और ईरान के युद्ध ने पश्चिम एशिया में भारी अस्थिरता पैदा कर दी है। तेहरान द्वारा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाली आपूर्ति को रोकने के कारण ऊर्जा बाजारों में व्यापक व्यवधान उत्पन्न हुआ है।
यह भी पढ़ें:
‘तुम बिलकुल पागल हो’ लेबनान में बढ़ते संघर्ष पर ट्रंप की नेतन्याहू से नाराजी
सलमान खान की टीम ने ‘काला हिरण’ फिल्म को भेजा कानूनी नोटिस
पीठ-गर्दन में अकड़न और गड़बड़ रहता है पेट? ‘सरलमत्स्यासन’ से मिलेगी राहत!



