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Thursday, July 23, 2026
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मूडीज बोला, कच्चे तेल कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल तक संभव इस साल!

ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा कि अगर अगले छह महीनों में हॉर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित आवागमन फिर से शुरू हो भी जाता है, तो भी तेल बाजार में आपूर्ति सीमित रहेगी।

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चालू कैलेंडर वर्ष यानी 2026 में कच्चे तेल की कीमतें 90 से 110 डॉलर प्रति बैरल के बीच रहने की उम्मीद है। इसकी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के फिर से पूरी तरह से खुलने और अमेरिका एवं ईरान के बीच जल्द समझौता होने की कम संभावना होना है। यह जानकारी मूडीज की ओर से जारी एक रिपोर्ट में दी गई।

ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा कि अगर अगले छह महीनों में हॉर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित आवागमन फिर से शुरू हो भी जाता है, तो भी तेल बाजार में आपूर्ति सीमित रहेगी। ऊर्जा की कीमतें लगातार ऊंची और अस्थिर बनी रहेंगी, जिससे लागत, मांग और फंडिंग की लागत पर असर हो सकता है।

रिपोर्ट में मूडीज ने कहा, “हमारा अनुमान है कि ब्रेंट क्रूड की कीमत इस साल के अधिकांश समय तक 90-110 डॉलर प्रति बैरल के बीच रहेगी, जिसमें काफी उतार-चढ़ाव होगा, और किसी नई घटना पर कभी-कभी इस सीमा से बाहर भी जा सकती है।”

मूडीज ने कहा कि ट्रांजिट फ्लो में धीरे-धीरे सुधार होगा, लेकिन यह पूरी तरह से खुलने के बजाय द्विपक्षीय चैनलों के माध्यम से होगा। इससे एनर्जी ट्रांजिट फ्लो में वर्तमान लगभग शून्य से कुछ क्रमिक सुधार संभव होगा, लेकिन यह प्रक्रिया धीमी, अपारदर्शी और व्यवधानों भरी होगी।

रिपोर्ट में कहा गया, “हम उम्मीद करते हैं कि तेल आयातक देश – विशेष रूप से चीन, भारत, जापान और कोरिया – ईरान के साथ द्विपक्षीय रूप से ट्रांजिट के लिए बातचीत करेंगे।”

हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि 2026 में संघर्ष-पूर्व स्तर के यातायात की वापसी की संभावना नहीं है। मूडीज ने कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट से होकर जहाजों के आवागमन में आई रुकावट वैश्विक ऊर्जा प्रवाह के लिए एक संरचनात्मक आपूर्ति बाधा बन गई है, न कि एक अस्थायी आपूर्ति संकट।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यह रुकावट शरद ऋतु तक जारी रहने की उम्मीद है। मूडीज ने यह भी चेतावनी दी है कि लगातार बढ़ती ऊर्जा कीमतें और ऊर्जा उत्पादों की कमी से मुद्रास्फीति में वृद्धि होगी। मूडीज का अनुमान है कि भारत में मुद्रास्फीति 2026 में औसतन 4.5 प्रतिशत रहेगी, जो उसके पहले के अनुमान 3.5 प्रतिशत से अधिक है।

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