गौतम अडानी ने ‘एक्स’ पोस्ट में मस्तीचक की यात्रा को बेहद भावुक और आध्यात्मिक अनुभव बताया। उन्होंने लिखा, “आज बिहार की पवित्र धरती मस्तीचक आकर मन गर्व, भावनाओं और आत्मीयता से भर गया। गायत्री शक्तिपीठ पहुंचकर एक अलग ऊर्जा और आध्यात्मिक प्रेरणा का अनुभव हुआ। किसी व्यक्ति की आंखों की रोशनी लौटाना केवल इलाज नहीं होता… यह उसके जीवन में फिर से उम्मीद, आत्मविश्वास और सम्मान लौटाने का पुण्य काम है।
गौतम अडानी ने आगे लिखा, “हमारे लिए ‘सेवा ही साधना है’ कोई नारा नहीं, बल्कि करुणा को कर्म में बदलने की प्रेरणा है। अखंड ज्योति फाउंडेशन भी इसी विचार को समाज सेवा के माध्यम से जीवंत कर रहा है। इसी भावना के साथ अडानी फाउंडेशन और अखंड ज्योति अस्पताल के साथ मिलकर ‘एसीई – अडानी नेत्र रोग केंद्र’ की शुरुआत करने जा रहे हैं, जो जरूरतमंद लोगों तक सुलभ और किफायती नेत्र चिकित्सा पहुंचाने का एक बड़ा प्रयास होगा।”
उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, “साथ ही ‘एटीओएम – नेत्र चिकित्सा के लिए अडानी प्रशिक्षण केंद्र’ के माध्यम से नई पीढ़ी के नेत्र विशेषज्ञों और महिला स्वास्थ्यकर्मियों को तैयार किया जाएगा। हमने बिहार की इस पावन धरती से प्रारंभ हुई सेवा की इस ज्योति को आने वाले वर्षों में देश के हर जरूरतमंद तक पहुंचाने का प्रण लिया है। इसी भावना के साथ ‘ अडानी अखंड ज्योति ट्रस्ट’ पूर्ण समर्पण, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य करता रहेगा।
सारण में आयोजित कार्यक्रम के दौरान गौतम अडानी ने बिहार के विकास पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की बड़ी जरूरत है। हर घर तक 24 घंटे सस्ती और भरोसेमंद बिजली पहुंचनी चाहिए।
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