जापान में जनवरी से अब तक खसरे के 400 से अधिक मामले सामने आए

जापान में जनवरी से अब तक खसरे के 400 से अधिक मामले सामने आए

More than 400 measles cases have been reported in Japan since January.

जापान में जनवरी से अब तक खसरे (मीजल्स) के 400 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। देश की एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान संस्था ने यह जानकारी दी। जापान इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ सिक्योरिटी के अनुसार, देशभर के चिकित्सा संस्थानों ने 26 अप्रैल तक के सप्ताह में खसरे (मीजल्स) के 68 नए मामलों की सूचना दी, जिससे इस वर्ष कुल मामलों की संख्या बढ़कर 436 हो गई। तुलना करें तो पिछले वर्ष इसी अवधि में 96 मामले दर्ज किए गए थे जबकि वर्ष 2025 में पूरे साल के दौरान कुल 265 मामले सामने आए थे।

टोक्यो में अकेले इस वर्ष 211 मामले दर्ज किए गए हैं, जो कुल राष्ट्रीय मामलों का लगभग आधा हिस्सा है। पड़ोसी प्रांतों कनागवा, चीबा और साइतामा को शामिल करने पर ग्रेटर टोक्यो महानगरीय क्षेत्र में कुल 300 से अधिक मामले सामने आए हैं।

संस्थान द्वारा अप्रैल के अंत में जारी एक नोटिस में कहा गया कि इस वर्ष जापान में खसरे के अधिकांश मरीज किशोर और 20 वर्ष की आयु वर्ग के लोग थे। इनमें से लगभग आधे लोगों ने अनुशंसित दो-डोज टीकाकरण पूरा नहीं कराया था या उनके टीकाकरण का रिकॉर्ड स्पष्ट नहीं था।

पिछले एक दशक में जापान में खसरे के मामलों की सबसे अधिक वार्षिक संख्या वर्ष 2019 में दर्ज की गई थी, जब कुल 744 मामले सामने आए थे।

संस्थान ने चेतावनी दी कि खसरा एक अत्यधिक संक्रामक बीमारी है और जिन लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता नहीं होती, उनमें वायरस के संपर्क में आने पर 90 प्रतिशत से अधिक संक्रमित होने की संभावना रहती है। गंभीर मामलों में निमोनिया और मस्तिष्कशोथ (एन्सेफलाइटिस) जैसी जटिलताएं हो सकती हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2015 में जापान को ‘मीजल्स-फ्री’ घोषित किया था। हालांकि, वर्ष 2023 से दुनियाभर में खसरे के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे विदेशों से संक्रमण आने का खतरा भी बढ़ गया है।

संस्थान ने कहा कि खसरे के संक्रमण और गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका वैक्सीन की दोनों डोज लेना है। साथ ही, उन देशों या क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों को, जहां खसरा फैल रहा हो, यात्रा से पहले अपने टीकाकरण की स्थिति की पुष्टि कर लेने की सलाह दी गई है।

जिन लोगों में बुखार, चकत्ते, खांसी या आंखों में लालिमा जैसे लक्षण दिखाई दें, उनसे इलाज के लिए अस्पताल जाने से पहले चिकित्सा संस्थानों से संपर्क करने और स्वास्थ्यकर्मियों को हाल की विदेश यात्रा या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क की जानकारी देने का आग्रह किया गया है।

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