अमेरिका के हितों की ओर झुका हुआ पाकिस्तान उचित मध्यस्थ नहीं!

ईरानी सांसद ने पाकिस्तान की भूमिका पर उठाए सवाल

अमेरिका के हितों की ओर झुका हुआ पाकिस्तान उचित मध्यस्थ नहीं!

Pakistan, tilted towards US interests, is not a suitable mediator!

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, लेकिन अब उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। एक ईरानी सांसद ने क्षेत्रीय वार्ताओं में पाकिस्तान की भूमिका पर गंभीर शंका जताते हुए उसकी तटस्थता पर चिंता व्यक्त की है।

दश्तेस्तान का प्रतिनिधित्व करने वाले और ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति आयोग के प्रवक्ता इब्राहिम रज़ाई ने कहा कि पाकिस्तान के पास मध्यस्थ बनने के लिए आवश्यक विश्वसनीयता नहीं है। एक बयान में उन्होंने पाकिस्तान को अच्छा मित्र और पड़ोसी बताया, लेकिन यह भी कहा कि वह एक उचित मध्यस्थ नहीं है और अक्सर अमेरिका के हितों की ओर झुकता है। रज़ाई ने यह भी आरोप लगाया कि इस्लामाबाद वॉशिंगटन की खुलकर आलोचना करने से बचता है और उनके अनुसार अमेरिका ने लेबनान के संबंध में किए गए अपने वादे पूरे नहीं किए हैं। उन्होंने कहा, “मध्यस्थ निष्पक्ष होना चाहिए, वह हमेशा एक पक्ष की ओर झुका हुआ नहीं होना चाहिए।”

दौरान ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं। उन्होंने हाल ही में तीन दिनों के भीतर दूसरी बार इस्लामाबाद का दौरा किया, जहां उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर से संघर्ष और आगे के संभावित रास्तों पर चर्चा की। ईरान के विदेश मंत्री ने ओमान से लौटने के बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की थी। ओमान में सुल्तान हैथम बिन तारिक अल-सईद के साथ हुई बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और व्यापक कूटनीतिक प्रयासों पर ध्यान केंद्रित किया गया था।

शांति वार्ताएं केवल परमाणु मुद्दे तक सीमित नहीं हैं, इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए नए कानूनी ढांचे के प्रस्ताव, मुआवजे की मांग, आगे सैन्य कार्रवाई न करने की गारंटी और अमेरिका द्वारा लगाए गए समुद्री प्रतिबंध हटाने जैसे मुद्दे भी शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है की, इस्लामाबाद दौरे के बाद अराघची मॉस्को जाने वाले हैं।

इसी बीच, अमेरिका-ईरान विवाद को सुलझाने के कूटनीतिक प्रयास कमजोर पड़ते दिख रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि यदि तेहरान बातचीत करना चाहता है तो वह सीधे संपर्क कर सकता है। वॉशिंग्टन द्वारा अपने प्रयासों से पीछे हटने और पाकिस्तान में प्रस्तावित वार्ता दौर रद्द किए जाने के बाद ट्रम्प ने यह बयान दिया।

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