भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard–ICG) ने अरब सागर में अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (IMBL) के पास एक पाकिस्तानी मछली पकड़ने वाली नाव ‘अल-मदीना’ को रोका है। इस कार्रवाई में नाव पर सवार नौ पाकिस्तानी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। घटना 14 जनवरी 2026 की रात नियमित समुद्री गश्त के दौरान सामने आई, जब तटरक्षक बल ने संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर नाव को चिन्हित किया।
अधिकारियों के अनुसार, अल-मदीना नाव भारतीय जलसीमा के अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में संदिग्ध ढंग से संचालित हो रही थी। जैसे ही भारतीय गश्ती पोत ने नाव की ओर बढ़ना शुरू किया, पाकिस्तानी नाव ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र की ओर भागने का प्रयास किया। हालांकि, तटरक्षक बल ने त्वरित और समन्वित कार्रवाई करते हुए रात के चुनौतीपूर्ण हालात में ही नाव को घेर लिया और सफलतापूर्वक उस पर चढ़ाई की।
तलाशी के दौरान नाव पर कुल नौ चालक दल के सदस्य पाए गए। फिलहाल उनकी गतिविधियों या नाव पर मौजूद किसी सामग्री को लेकर कोई आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन तटरक्षक बल ने पुष्टि की है कि नाव ने बिना अनुमति भारतीय जलसीमा में प्रवेश किया था। इस तरह की घुसपैठ को सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से लेती हैं, खासकर ऐसे समय में जब क्षेत्रीय स्तर पर भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बना हुआ है।
पाकिस्तानी नाव को जब्त कर लिया गया है और उसे गुजरात के पोरबंदर बंदरगाह लाया जा रहा है। वहां चालक दल से तटरक्षक बल, सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया विभाग द्वारा संयुक्त पूछताछ की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, नाव की विस्तृत फोरेंसिक जांच भी की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इसका इस्तेमाल तस्करी, अवैध घुसपैठ या जासूसी जैसी गतिविधियों के लिए तो नहीं किया जा रहा था।
अतीत में भी इस तरह की घटनाएं सामने आती रही हैं, जहां पाकिस्तानी नौकाओं का उपयोग मादक पदार्थों की तस्करी या समुद्री मार्ग से घुसपैठ के प्रयासों में किया गया। दिसंबर 2025 में भी भारतीय तटरक्षक बल ने गुजरात के जखाऊ के पास भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में ‘अल वली’ नामक पाकिस्तानी नाव को पकड़ा था, जिसमें 11 मछुआरे सवार थे। उस मामले में भी जांच एजेंसियों ने लंबी पूछताछ की थी।
भारतीय तटरक्षक बल ने हाल के महीनों में अरब सागर में गश्त और निगरानी को और सख्त किया है। उन्नत निगरानी प्रणालियों, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और बेहतर प्रशिक्षण के जरिए समुद्री सुरक्षा को मजबूत किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयों का उद्देश्य केवल कानून प्रवर्तन ही नहीं, बल्कि समुद्री सीमाओं के जरिए उत्पन्न होने वाले असममित खतरों को रोकना भी है।
इस बीच, भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी समुद्री सुरक्षा सहयोग को बढ़ा रहा है। हाल ही में जापान के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, सूचना साझा करने और संयुक्त अभ्यासों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई थी।
फिलहाल, अल-मदीना मामले में जांच जारी है और पोरबंदर पहुंचने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह केवल एक अवैध मछली पकड़ने की घटना थी या इसके पीछे कोई बड़ा उद्देश्य छिपा हुआ था। तटरक्षक बल ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि भारतीय समुद्री सीमाओं की निगरानी में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
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