भारत के तेजी से बढ़ते चॉकलेट और कन्फेक्शनरी बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए रिलायंस कंस्यूमर प्रोडक्ट लिमिटेड ने फिनलैंड की प्रमुख खाद्य कंपनी फेजर के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस रणनीतिक साझेदारी के तहत भारत में प्रीमियम चॉकलेट का उत्पादन, विपणन और वितरण किया जाएगा।
यह समझौता फिनलैंड के राष्ट्रपति एलेग्जेंडर स्टब्ब की भारत यात्रा के दौरान किया गया, जिसे दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यावसायिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
समझौते के अनुसार, दोनों कंपनियां भारत में प्रीमियम चॉकलेट उत्पादों के निर्माण, विपणन और वितरण के लिए मिलकर काम करेंगी। इस सहयोग के तहत फेजर की पारंपरिक रेसिपी और गुणवत्ता मानकों का उपयोग किया जाएगा, जबकि रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स अपने व्यापक वितरण नेटवर्क और स्थानीय बाजार की समझ का लाभ उठाएगी।
कंपनियों का कहना है कि इस साझेदारी का उद्देश्य फेजर के वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध चॉकलेट ब्रांडों और नवाचार को भारत के विशाल उपभोक्ता बाजार तक पहुंचाना है। रिलायंस के वितरण नेटवर्क के माध्यम से इन उत्पादों को देशभर के लगभग 30 लाख रिटेल आउटलेट्स तक पहुंचाने की योजना है।
टी. कृष्णकुमार ने कहा कि यह साझेदारी भारतीय उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रीमियम चॉकलेट उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम है। उनके अनुसार इससे कंपनी को चॉकलेट और कन्फेक्शनरी श्रेणी में अपनी उपस्थिति तेजी से बढ़ाने में मदद मिलेगी।
वहीं क्रिस्टोफ़ विट्ज़थम ने कहा कि यह सहयोग भारत के तेजी से बढ़ते चॉकलेट बाजार में कंपनी के विस्तार के लिए बड़ा अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि एक मजबूत स्थानीय साझेदार के साथ मिलकर फेजर भारत में प्रीमियम ब्रांड के रूप में अपनी पहचान स्थापित करना चाहता है।
वर्ष 2022 में लॉन्च होने के बाद से रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने कन्फेक्शनरी क्षेत्र में अपनी मौजूदगी तेजी से बढ़ाई है। कंपनी ने कई पुराने भारतीय ब्रांडों को दोबारा बाजार में उतारा है, जिनमें रावलगांव, टॉफीमैन, पान पसंद और लोटस चॉकलेट्स शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि फेजर के साथ यह साझेदारी रिलायंस की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें वैश्विक उत्पाद गुणवत्ता को भारत के विशाल वितरण नेटवर्क के साथ जोड़कर उपभोक्ता वस्तुओं के बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत की जा रही है। इससे भारत के प्रीमियम चॉकलेट बाजार में प्रतिस्पर्धा भी तेज होने की संभावना है।
यह भी पढ़ें:
श्रीलंका ने ईरान के ‘IRINS बुशेहर’ को दिया आश्रय
कर्नाटक: 16 साल से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध
अनिल अंबानी और रिलायंस पावर से जुड़े कई ठिकानों पर ईडी की छापेमारी
