दुबई मोबाइल फोन पर मिसाइल हमले की चेतावनी जारी

शहर भर में दहशत का माहौल

दुबई मोबाइल फोन पर मिसाइल हमले की चेतावनी जारी

Dubai mobile phone warned of missile attack

पश्चिम एशिया में तेजी से बढ़ते सैन्य तनाव के बीच दुबई के निवासियों के मोबाइल फोन पर संभावित मिसाइल हमले की चेतावनी जारी की गई, जिससे शहर में दहशत का माहौल बन गया। शुक्रवार (6 मार्च)को कई लोगों को लगातार अलर्ट संदेश मिले, जिनमें लोगों घरों से बाहर न निकलने, सावधानी बरतने और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, अलर्ट संदेश अचानक आने लगे। एक निवासी ने बताया कि उनके फोन पर लगातार चार चेतावनी संदेश आए। उन्होंने कहा कि परिवार ने एहतियात के तौर पर जरूरी सामान जमा कर लिया है और पासपोर्ट व अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ एक आपात बैग तैयार रखा है।

दुनिया के सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों में से एक दुबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भी इस स्थिति से प्रभावित हुआ है। क्षेत्र में तनाव बढ़ने के बाद कई उड़ानें रद्द या डायवर्ट की गईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

खाड़ी देश विशेष रूप से संयुक्त अरब अमीरात में बड़ी संख्या में भारतीय यात्री भी फंस गए थे। हालांकि सोमवार (2 मार्च ) के बाद से कई यात्री धीरे-धीरे भारत लौटने में सफल रहे हैं। कई यात्रियों ने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद दुबई और यूएई के अधिकारियों ने स्थिति को प्रभावी ढंग से संभाला।

इसी बीच यूएई ने उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि वह ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में अमेरिका और इज़राइल के साथ शामिल होने पर विचार कर रहा है। यूएई की सरकारी समाचार एजेंसी अमीरात समाचार एजेंसी के माध्यम से जारी बयान में कहा गया कि देश ने अपनी रक्षात्मक नीति में किसी बदलाव का कोई फैसला नहीं लिया है।

यह स्पष्टीकरण उस समय आया जब ईरान ने यूएई में कई ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे। रिपोर्टों के अनुसार इन हमलों में दुबई स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास और अबू धाबी के अल धफरा एयर बेस को निशाना बनाया गया।

28 फरवरी से शुरू हुए इस सैन्य टकराव ने पूरे पश्चिम एशिया को अस्थिर कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने लगातार सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है, क्योंकि आशंका है कि यदि तनाव और बढ़ा तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र को बड़े युद्ध में धकेल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा संकट का असर केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विमानन क्षेत्र पर भी व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

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