मध्य पूर्व में जारी युद्ध के पांचवें दिन क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। सऊदी अरब ने कहा है कि वह अपनी सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने को तैयार है। यह बयान क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद जारी किया गया। वहीं दूसरी ओर क़तर ने ईरान की इस्लामी फ़ौज IRGC से जुड़े 10 संदिग्ध जासूसों को पकड़ा है।
बैठक में ईरान ने खुलेआम हमला किया ऐसे बिरादरी के मुल्कों के साथ पूर्ण एकजुटता दिखाने की बात दोहराई गई। सऊदी प्रेस एजेंसी के बयान में कहा गया, ” कैबिनेट बैठक में इस बात पर ज़ोर दिया कि किंगडम इन हमलों के जवाब में इन देशों को किसी भी कदम में मदद करने के लिए अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल करने को तैयार है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को कमज़ोर करते हैं।”
कैबिनेट ने खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों के उन नागरिकों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की, जो क्षेत्रीय हालात के कारण सऊदी हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं। बयान में कहा गया कि उन्हें अपने दूसरे घर में सुरक्षित वापसी तक हर संभव सुविधा दी जा रही है।
कतर में IRGC से जुड़े संदिग्ध गिरफ्तार
इस बीच कतर की सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि सुरक्षा बलों ने बुधवार तड़के दो सेल्स को गिरफ्तार किया, जिनका संबंध कथित रूप से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) से था। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार सात संदिग्धों को देश के महत्वपूर्ण और सैन्य ढांचे की जासूसी के लिए तैनात किया गया था, जबकि तीन अन्य ड्रोन संचालन में प्रशिक्षित थे।
राज्य समाचार एजेंसी के मुताबिक,“जांच के दौरान, संदिग्धों ने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड से अपने लिंक कबूल किए और कहा कि उन्हें जासूसी और तोड़फोड़ के मिशन करने के लिए भेजा गया था।”
दौरान ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच जारी संघर्ष के बीच बुधवार (3 मार्च )को तेहरान में कई विस्फोटों की खबरें आईं। इससे पहले ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले और खाड़ी क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई हो चुकी है।
बहरीन में हवाई हमले के सायरन बजे, जबकि ईरान ने कतर पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी। एक मिसाइल दोहा स्थित अल-उदीद बेस पर गिरी, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। येरूशलेम के आसपास भी विस्फोटों की खबरें आईं, जहां इज़राइल ने आने वाली मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया।
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान में अब तक करीब 800 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि इज़राइल में 11 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। इसके अलावा लेबनान के बालबेक क्षेत्र में इज़राइली हमलों में कम से कम चार लोगों की मौत हुई, जबकि लेबनान में कुल मृतकों की संख्या 50 से अधिक और 300 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।
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