सुप्रीम कोर्ट ने 30 जुलाई को जंतर-मंतर मार्च पर हुए लाठीचार्ज की जांच के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है। यह कमेटी प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर ज़्यादा बल इस्तेमाल करने के आरोपों की जांच करेगी।
इस कमेटी के चेयरमैन सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी हैं। कमेटी में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रवि शंकर झा, दिल्ली हाई कोर्ट की पूर्व जस्टिस शैलिंदर कौर, CBI के पूर्व डायरेक्टर ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के रिटायर्ड डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस डॉ. एल. आर. बिश्नोई शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई यह कमेटी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई से जुड़े अलग-अलग आरोपों की जांच करेगी। यह पेलेट गन, इलेक्ट्रिक बैटन, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों के कथित ज़्यादा इस्तेमाल, महिला प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित हिंसा, पुलिस द्वारा निगरानी और भीड़ को कंट्रोल करने के लिए इस्तेमाल किए गए तरीके सही थे या नहीं, इसकी जांच करेगी।
इसके अलावा, कमेटी यह भी जांच करेगी कि क्या इन घटनाओं में घायलों को समय पर मेडिकल मदद और सही मुआवजा दिया गया था।
इस बीच, कमेटी पुलिसवालों के खिलाफ हिंसा और पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने के बारे में अधिकारियों के लगाए गए आरोपों की भी जांच करेगी। इसलिए, इस पूरे मामले में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच होने की संभावना है।
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