अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा और अमेरिका को जोड़ने वाले एक अहम नए पुल के उद्घाटन को रोकने की धमकी दी है। उन्होंने कहा है कि जब तक अमेरिका को पूरा मुआवज़ा नहीं मिलता और परियोजना में आंशिक स्वामित्व नहीं दिया जाता, तब तक इस पुल को खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार और कूटनीतिक संबंधों में पहले से ही तनाव देखा जा रहा है।
सोमवार (10 फरवरी)को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक लंबी पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि विंडसर (ओंटारियो) और डेट्रॉयट (मिशिगन) को जोड़ने वाला ‘गॉर्डी हो इंटरनेशनल ब्रिज’ तब तक नहीं खुलेगा, जब तक अमेरिका को पूरी तरह से संतुष्ट नहीं किया जाता और कनाडा अपने पड़ोसी देश के साथ, न्याय और सम्मान के साथ व्यवहार नहीं करता। साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने लिखा, “हमने उन्हें जो कुछ भी दिया है, उसके बदले हमें इस संपत्ति का कम से कम आधा हिस्सा तो मिलना ही चाहिए। अमेरिकी बाज़ार की वजह से पैदा होने वाला राजस्व बेहद विशाल होगा।”
ट्रंप ने आरोप लगाया कि इस परियोजना से कनाडा को असमान रूप से लाभ मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि पुल का निर्माण लगभग बिना किसी अमेरिकी सामग्री के किया गया और यह भी आरोप लगाया कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में दिए गए एक विशेष छूट के कारण कनाडा ‘बाय अमेरिकन’ नियमों को दरकिनार करने में सफल रहा। इसके साथ ही, उन्होंने कनाडा में अमेरिकी डेयरी उत्पादों पर लगे टैरिफ, अमेरिकी शराब की बिक्री पर प्रांतीय प्रतिबंधों और हाल के वर्षों में चीन के साथ ओटावा के बढ़ते संपर्क को लेकर अपनी पुरानी नाराज़गी भी दोहराई।
छह लेन वाला यह नया पुल अंतिम परीक्षण और निरीक्षण के बाद इस वर्ष की शुरुआत में खुलने की उम्मीद थी। यह पुल अमेरिका और कनाडा के बीच सबसे व्यस्त व्यापारिक संपर्कों में से एक बनने जा रहा था। वर्ष 2018 में शुरू हुई इस परियोजना की अनुमानित लागत अब बढ़कर लगभग 6.4 अरब डॉलर हो गई है, जबकि शुरुआती अनुमान 5.7 अरब डॉलर का था।
कनाडा सरकार के अनुसार, इस पुल का संपूर्ण वित्तपोषण ओटावा ने किया है, लेकिन इस पर सार्वजनिक स्वामित्व कनाडा और मिशिगन राज्य के पास होगा। विंडसर के मेयर ड्रू डिलकेंस ने ट्रंप के बयान के कुछ हिस्सों को पूरी तरह पागलपन करार दिया और कहा कि परियोजना के मिशिगन हिस्से में अमेरिकी स्टील का इस्तेमाल किया गया है।
दिलचस्प बात यह है कि अपने पहले कार्यकाल में ट्रंप ने इसी पुल को एक महत्वपूर्ण आर्थिक कड़ी बताते हुए इसका समर्थन किया था, हालांकि उस समय एम्बेसडर ब्रिज के मालिकों ने इसके खिलाफ लॉबिंग की थी।
दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति दोनों देशों के ठंडे पडते संबंधो के बीच कनाडा को धमकियां दे रहें है। हाल के हफ्तों में ट्रंप ने कनाडा में बने विमानों पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी है और यदि ओटावा बीजिंग के साथ व्यापारिक संबंध और गहराता है, तो दंडात्मक कदम उठाने के संकेत भी दिए हैं।
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