गाज़ा में युद्धविराम के लिए ट्रंप का दबाव; बंधकों की रिहाई के लिए हमास और इज़राइल से समझौते की अपील!

गाज़ा में युद्धविराम के लिए ट्रंप का दबाव; बंधकों की रिहाई के लिए हमास और इज़राइल से समझौते की अपील!

America presents Iran with a 15-point proposal to end the war; what are the demands?

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाज़ा में युद्धविराम के लिए एक बार फिर इज़राइल और हमास पर दबाव बढ़ा दिया है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि 7 अक्टूबर 2023 को अगवा किए गए सभी बंधकों की रिहाई के लिए दोनों पक्षों को तुरंत समझौता करना चाहिए। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “गाज़ा में समझौता करें। बंधकों को वापस लाएं।” उनके इस संक्षिप्त लेकिन निर्णायक संदेश को इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर सीधे दबाव के रूप में देखा जा रहा है।

ट्रंप ने इस अपील से पहले नेतन्याहू के खिलाफ चल रहे आपराधिक मुकदमे की तीखी आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि, “इज़रायल के प्रधानमंत्री के खिलाफ चल रही कानूनी कार्यवाही एक मज़ाक है, जो गाज़ा और ईरान के साथ किसी भी संभावित डील को नुकसान पहुंचा सकती है।” ट्रंप ने नेतन्याहू को ‘युद्धनायक’ बताया और कहा कि उन्होंने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के परमाणु खतरे को नियंत्रित करने में शानदार काम किया है।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने हाल ही में उन लोगों से बात की है जो बंधकों की रिहाई और युद्धविराम समझौते को सुनिश्चित करने में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। ट्रंप पहले ही यह भविष्यवाणी कर चुके हैं कि एक हफ्ते के भीतर समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।

याद दिला दें कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इज़रायल के नोवा म्यूजिक फेस्टिवल पर हमला कर दिया था, जिसमें 1,200 से अधिक लोग मारे गए और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था। बाद में इज़रायल की सैन्य कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के ज़रिये कई बंधकों को छुड़ाया गया, लेकिन अभी भी दर्जनों बंधक हमास के कब्जे में हैं।

ट्रंप के इस नए बयान से स्पष्ट है कि अमेरिका, भले ही वह आधिकारिक रूप से मध्यस्थ की भूमिका में न हो, लेकिन पूर्व राष्ट्रपति के ज़रिये एक रणनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। ट्रंप के अनुसार, युद्धविराम और बंधकों की सुरक्षित वापसी ही क्षेत्रीय स्थिरता का पहला कदम हो सकता है।

ट्रंप की यह अपील ऐसे समय आई है जब गाज़ा में संघर्ष अपने चरम पर है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थायी समाधान की तलाश में है। क्या नेतन्याहू ट्रंप की इस सार्वजनिक अपील पर विचार करेंगे या युद्ध की रणनीति को ही प्राथमिकता देंगे — यह आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होगा। मगर फिलहाल, ट्रंप ने एक बार फिर खुद को मध्यस्थ की भूमिका में प्रस्तुत कर दुनिया का ध्यान इस मानवीय संकट की ओर खींचा है।

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