कोलकाता के साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में एक छात्रा से गैंगरेप की भयावह घटना के बाद अब राजनीति गर्मा गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दो वरिष्ठ नेताओं सांसद कल्याण बनर्जी और विधायक मदन मित्रा के विवादित बयानों पर पार्टी को सफाई देनी पड़ी, जबकि पार्टी की सांसद महुआ मोइत्रा ने इन टिप्पणियों की खुलकर आलोचना की है।
महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा – “भारत में महिलाओं के प्रति घृणा (misogyny) राजनीतिक दलों की सीमाओं से परे है। फर्क सिर्फ इतना है कि हमारी पार्टी (टीएमसी) इन घिनौने बयानों की निंदा करती है – चाहे वे कोई भी क्यों न कहे।”
उन्होंने TMC के आधिकारिक X हैंडल से किए गए उस पोस्ट को भी साझा किया जिसमें पार्टी ने सांसद बनर्जी और विधायक मित्रा के बयानों से खुद को अलग बताया है। TMC ने कहा – “ये विचार पार्टी की आधिकारिक राय नहीं हैं। तृणमूल कांग्रेस महिलाओं के खिलाफ अपराधों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति रखती है और आरोपियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग करती है।”
गौरतलब है कि 23 वर्षीय लॉ छात्रा से कॉलेज कैंपस में गैंगरेप की घटना सामने आई है, जिसकी एफआईआर 26 जून को दर्ज हुई। इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जिनमें दो छात्र कॉलेज में पढ़ते हैं और मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा कॉलेज का पूर्व छात्र है।
इस गंभीर मामले पर टिप्पणी करते हुए TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, “अगर कोई दोस्त अपनी ही दोस्त के साथ बलात्कार करे, तो पुलिस क्या कर सकती है?” उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या स्कूलों और कॉलेजों में हर जगह पुलिस तैनात की जा सकती है?
इसी क्रम में TMC विधायक मदन मित्रा ने भी विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा, “अगर कॉलेज बंद है और कोई आपको यूनिट पोस्ट देने के नाम पर बुलाए, तो वहां नहीं जाना चाहिए… फिर ऐसी घटना नहीं होती।” इन बयानों पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पश्चिम बंगाल भाजपा के सह-प्रभारी अमित मालवीय ने कहा, “यह सीधा-सीधा पीड़िता को दोष देना है, जो नीच मानसिकता को दर्शाता है।”
जहां एक ओर TMC अपने नेताओं के विवादास्पद बयानों से दूरी बनाकर डैमेज कंट्रोल की कोशिश में जुटी है, वहीं महुआ मोइत्रा जैसे नेताओं ने अपनी ही पार्टी के भीतर स्त्री-विरोधी मानसिकता पर निशाना साध रहीं है। दरअसल महुआ मोइत्रा और कल्याण बनर्जी के बीच इससे पहले भी गहमा गहमी दिखी है, सूत्रों के मुताबिक कल्याण बनर्जी ने महुआ के प्रति उस समय भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था।



