27 C
Mumbai
Sunday, March 29, 2026
होमदेश दुनियापैरों के दर्द और जकड़न से चलना हो गया है मुश्किल, ये...

पैरों के दर्द और जकड़न से चलना हो गया है मुश्किल, ये आयुर्वेदिक नुस्खे दिलाएंगे आराम!

पैरों में दर्द की वजह से सूजन और भारीपन बना सकता है। आयुर्वेद इसे सोडियम की अधिकता और पोषण तत्वों की कमी मानता है।

Google News Follow

Related

आज की जीवनशैली में शारीरिक गतिविधियां बहुत कम हो गई है, क्योंकि ज्यादातर  काम उपकरणों पर आधारित हो गया है। शारीरिक गतिविधियों के कम होने के साथ ही पोषक तत्वों की कमी से पैरों में दर्द और टूटन महसूस होती है। स्थिति ज्यादा खराब हो जाने पर बिना सहारे के चलना भी मुश्किल हो जाता है। डॉक्टर दर्द की दवा पर निर्भर कर देते हैं, लेकिन आयुर्वेद में कई ऐसे उपाय हैं, जिनकी मदद से पैरों के दर्द में आराम पाया जा सकता है।

पैरों में दर्द की वजह से सूजन और भारीपन बना सकता है। आयुर्वेद इसे सोडियम की अधिकता और पोषण तत्वों की कमी मानता है। इसके लिए आयुर्वेद में कुछ उपाय भी बताए गए हैं, जिनके नियमित प्रयोग से काफी हद तक दर्द को कम किया जा सकता है।

पहला तरीका है मुनक्का और बादाम। ये शरीर को पोषण और हड्डियों को मजबूती देने में मदद करते हैं। इसके लिए रात को 5 बादाम और 5 मुनक्का को भीगो दें और फिर सुबह खाली पेट सेवन करें। इससे पैरों के दर्द और सूजन में आराम मिलेगा। अगर मधुमेह की परेशानी है तो मुनक्का से परहेज करें।

दूसरा तरीका है रोजाना मेथी दाना का सेवन। रात के समय मेथी दाना को भिगों दें और सुबह खाली पेट मेथी का पानी छानकर पीएं और मेथी के कुछ दानों को चबाकर खा लो। इससे जोड़ों के दर्द और अकड़न में राहत मिलेगी।

तीसरा तरीका है हल्दी और दूध का सेवन। रात के समय हल्दी और दूध का सेवन करना लाभकारी होगा। दूध में कच्ची हल्दी, थोड़ी सी काली मिर्च मिलाकर उबाल लें और गुनगुना हो जाने पर पीएं। यह हड्डियों को पोषण देगा और शरीर से विषाक्त पदार्थं को निकालने में भी मदद करेगा।

चौथा तरीका है तिल और गुड़ का सेवन। तिल और गुड़ दोनों ही कैल्शियम से भरपूर होते हैं और हड्डियों को मजबूत करने में भी मदद करते हैं। हालांकि गर्मियों में तिल की बजाय भूने हुए चने का सेवन कर सकते हैं। यह प्रोटीन और आयरन दोनों का मुख्य स्रोत है।

पांचवा और आखिरी तरीका है घी और सोंठ का सेवन। पैरों में रक्त के संचार को सही करने के लिए खाना खाने के बाद घी और सोंठ का सेवन करें। इससे शरीर में रक्त संचार बढ़ेगा और पैरों का भारीपन कम होगा।

यह भी पढ़ें-

विश्व रंगमंच दिवस 2026 : थिएटर सिर्फ मनोरंजन नहीं, समाज का भी आईना!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

150,949फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
300,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें