29 C
Mumbai
Friday, September 18, 2026
National Stock Exchange of India Limited
होमदेश दुनिया...तब सरकार थी या जासूस !

…तब सरकार थी या जासूस !

Google News Follow

Related

- Advertisement -National Stock Exchange
तब संप्रग सरकार ने करीब 9 हजार फोन और 500 मेल टेप किए गए थे।
नई दिल्ली। कभी भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार क्या वाकई आम जनता की बुनियादी आवश्यकताओं को तवज्जो देने के बजाय विपक्षी दलों के जनप्रतिनिधियों की जासूसी करने में जुटी थी और इस तरह न सिर्फ लोकतंत्र का खुलेआम मखौल उड़ा रही थी, बल्कि सरकारी तंत्र का अपने सियासी फायदे के लिए दुरुपयोग कर रही थी, बेहद शर्मनाक इस बात को बल मिला है सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत दायर अर्जी के मिले जवाब में। यह बात मोदी सरकार पर फोन टेप करने के लगाए जा रहे आरोप की पृष्ठभूमि में प्रकाश में आई है।
 इस संबंध में जानकारी हासिल करने के लिए प्रसनजीत मोंडल ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को आरटीआई के तहत अर्जी लगाई थी। गृह मंत्रालय ने 6 अगस्त 2013 को दिए इस अर्जी के जवाब में स्पष्टीकरण दिया था कि संप्रग सरकार में करीब 9 हजार फोन और 500 मेल टेप किए गए थे, जिसके लिए उसे ‘ऊपर से आदेश’ था। इस प्रकरण में आम नागरिकों से लेकर कांग्रेस के कुछ नजदीकी लोगों का समावेश था।
तब सीताराम येचुरी, जयललिता, चंद्रबाबू नायडू आदि विपक्षी नेताओं सहित कइयों ने संप्रग सरकार पर इस बारे में तीखी टिप्पणियाँ की थीं तथा समूचे मामले पर संसद में भी तूफानी बहस हुई थी। उस वक्त वित्त मंत्री रहे प्रणब मुखर्जी ने आश्वस्त किया था कि प्रधानमंत्री डाॅ. मनमोहन सिंह इस बाबत सरकार की भूमिका स्पष्ट करेंगे। लेकिन मनमोहन सिंह ने इस मसले में संयुक्त संसदीय समिति से जांच की मांग को ठुकरा दिया था।
National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

150,356फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
333,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें