कानूनी सहायता तक आम नागरिकों की पहुंच आसान बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। भारत सरकार के विधि और न्याय मंत्रालय ने गुरुवार (1 जनवरी) को घोषणा कर डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘न्याय सेतु’ अब WhatsApp पर भी उपलब्ध किया। इस पहल के तहत नागरिक अब मैसेजिंग ऐप के ज़रिये निःशुल्क कानूनी जानकारी और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे।
मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि WhatsApp एकीकरण से यह सुनिश्चित होगा कि “हर नागरिक के लिए पेशेवर कानूनी सहायता तेज़ और सुलभ बनी रहे।” सरकार का मानना है कि WhatsApp जैसे व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाले प्लेटफॉर्म के ज़रिये कानूनी सेवाओं तक पहुंच बढ़ाई जा सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो पारंपरिक कानूनी प्रक्रियाओं और दफ्तरों तक आसानी से नहीं पहुंच पाते।
‘न्याय सेतु’ एक डिजिटल पहल है, जिसे अगस्त 2024 में भारत सरकार ने शुरू किया था। इसका उद्देश्य नागरिकों को त्वरित कानूनी मार्गदर्शन उपलब्ध कराना और जटिल प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बिना बुनियादी कानूनी सहायता प्रदान करना है। यह प्लेटफॉर्म खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है, जिन्हें कानूनी जानकारी की आवश्यकता तो होती है, लेकिन संसाधनों या जानकारी के अभाव में वे आगे नहीं बढ़ पाते।
WhatsApp एकीकरण के साथ ‘न्याय सेतु’ अब और अधिक सुलभ हो गया है। सरकार के अनुसार, इससे नागरिकों को शुरुआती कानूनी सलाह के लिए वकीलों या सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और कानूनी मार्गदर्शन अधिक समावेशी बनेगा।
WhatsApp के माध्यम से ‘न्याय सेतु’ की सेवाएं प्राप्त करने के लिए नागरिकों को 7217711814 नंबर पर संदेश भेजना होगा। WhatsApp पर यह संपर्क “Tele-Law” नाम से दिखाई देगा। चैट शुरू करने के बाद उपयोगकर्ताओं को कानूनी सलाह, कानूनी जानकारी और कानूनी सहायता से जुड़े विकल्प मिलेंगे।
चैटबॉट प्रक्रिया के तहत पहले मोबाइल नंबर सत्यापन का अनुरोध किया जा सकता है। सत्यापन पूरा होने के बाद उपयोगकर्ता चैट के माध्यम से कानूनी सलाह प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, फिलहाल मोबाइल नंबर सत्यापन के बिना भी कुछ मामलों में कानूनी जानकारी और सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
‘न्याय सेतु’ का WhatsApp चैटबॉट भारत में सभी WhatsApp उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है। इसे Android, iOS और वेब तीनों प्लेटफॉर्म्स पर एक्सेस किया जा सकता है।
डिजिटल इंडिया के व्यापक लक्ष्य के तहत सरकार की यह पहल नागरिकों को उनके अधिकारों और कानूनी विकल्पों के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। WhatsApp जैसे परिचित माध्यम पर कानूनी सहायता की उपलब्धता से यह उम्मीद की जा रही है कि न्याय तक पहुंच पहले से कहीं अधिक आसान और तेज़ हो सकेगी।
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