25 C
Mumbai
Thursday, February 26, 2026
होमलाइफ़स्टाइलआयुर्वेद में हजारों साल पुरानी तकनीक है ऑयल पुलिंग; सिर्फ दांत नहीं,...

आयुर्वेद में हजारों साल पुरानी तकनीक है ऑयल पुलिंग; सिर्फ दांत नहीं, गट हेल्थ के लिए भी बेहतर

Google News Follow

Related

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग सेहत को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिसके चलते कम उम्र में कई तरह की बीमारियां शरीर को जकड़ने लगती हैं। इस कड़ी में अब लोग आयुर्वेद के उपायों को अपनाने लगे हैं। आर्युवेद के उपायों में से एक है ऑयल पुलिंग, जिसे आयुर्वेद में ‘कवला’ या ‘गंडूषा’ कहा जाता है। यह हजारों साल पुरानी तकनीक है। इसका मकसद मुंह में मौजूद खराब बैक्टीरिया को बाहर निकालना और दांत, मसूड़े, जीभ और गले को स्वस्थ रखना होता है। अगर इसे रोजमर्रा की दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए, तो यह मुंह और पेट को स्वस्थ रखता है।

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के मुताबिक, मुंह और गट हेल्थ का सीधा संबंध पूरे शरीर से है। हम जो भी खाते हैं, वह सबसे पहले मुंह से होकर शरीर में जाता है। अगर मुंह में गंदगी, बैक्टीरिया या संक्रमण है, तो उसका असर पेट, पाचन और धीरे-धीरे पूरे शरीर पर पड़ता है। मुंह में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया कई गंभीर बीमारियों की जड़ बन सकते हैं। यह दांतों में सड़न, मसूड़ों में सूजन, सांसों की बदबू और लार से जुड़ी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। इसके अलावा, ये बैक्टीरिया खाने के साथ पेट में पहुंचकर पाचन तंत्र को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऑयल पुलिंग इसी समस्या पर काम करती है।

ऑयल पुलिंग के दौरान जब तेल को मुंह में घुमाया जाता है, तो तेल की चिपचिपी प्रकृति खराब बैक्टीरिया को अपनी ओर खींच लेती है। कुछ देर बाद ये बैक्टीरिया तेल में फंस जाते हैं और कुल्ला करने के बाद बाहर निकल जाते हैं। यही कारण है कि नियमित ऑयल पुलिंग करने से दांत, मसूड़े, जीभ और गला साफ और स्वस्थ रहते हैं। इससे मुंह की बदबू कम होती है, मसूड़ों की सूजन घटती है और दांतों में कैविटी की समस्या भी कम हो सकती है।

ऑयल पुलिंग करने का तरीका बेहद आसान है। एक बड़ा चम्मच तेल लेकर उसे मुंह में डालें और पानी की तरह धीरे-धीरे कुल्ला करें। इसे 15 मिनट तक करना चाहिए। इस दौरान तेल को बिल्कुल भी निगलना नहीं है। जब तेल पतला होकर दूध जैसा सफेद हो जाए, तो उसे थूक दें और गुनगुने पानी से मुंह अच्छी तरह साफ कर लें। इसे सुबह खाली पेट करना सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि उस समय शरीर और मुंह सबसे ज़्यादा रिसेप्टिव होते हैं।

नारियल तेल, तिल का तेल, या सूरजमुखी तेल का इस्तेमाल ऑयल पुलिंग के लिए किया जा सकता है। इनमें नारियल और तिल का तेल सबसे ज्यादा फायदेमंद माने जाते हैं। हालांकि, अगर किसी को दांतों की गंभीर समस्या है, मुंह में घाव हैं, या ऑयल पुलिंग के बाद जीभ पर सफेद परत दिखने लगे, तो इसे तुरंत रोक देना चाहिए।

यह भी पढ़ें:

सुरक्षा बलों ने पाकिस्तानी जैश कमांडर को किया ढेर

लश्कर मॉड्यूल का बांग्लादेश स्थित हैंडलर हाफिज सईद के संपर्क में था

“वैश्विक आयोजन का इस्तेमाल गंदी राजनीति के लिए किया गया” पीएम मोदी का कांग्रेस पर हमला

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,122फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
296,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें