आसाम सुखोई जेट दुर्घटना में वायुसेना के 2 पायलट की मौत

जोरहाट से करीब 60 km दूर कार्बी आंगलोंग इलाके में क्रैश हुआ Su-30MKI विमान

आसाम सुखोई जेट दुर्घटना में वायुसेना के 2 पायलट की मौत

2 IAF pilots killed in Assam Sukhoi jet crash

आसाम के कार्बी आंगलोंग जिले में भारतीय वायुसेना का एक सुखोई लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से दो वायुसेना पायलट की मौत हुई। भारतीय वायुसेना (IAF) ने शुक्रवार(6 मार्च) को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि, विमान ने जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद रडार से संपर्क खो दिया जिससे यह हादसा हुआ।

वायुसेना द्वारा जारी बयान के अनुसार, दुर्घटना में स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर की मृत्यु हो गई। दोनों पायलट उस समय सुखोई Su-30MKI लड़ाकू विमान में सवार थे, जो गुरुवार (5 मार्च) शाम प्रशिक्षण उड़ान पर निकले थे।

भारतीय वायुसेना के अनुसार विमान आसाम के कार्बी आंगलोंग जिले के पहाड़ी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जो जोरहाट एयरबेस से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित है। हादसे के तुरंत बाद वायुसेना और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमों ने खोज एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया था।

वायुसेना के आधिकारिक बयान में कहा गया, “ट्रेनिंग मिशन पर निकला Su-30MKI विमान जोरहाट से करीब 60 km दूर कार्बी आंगलोंग इलाके में क्रैश हो गया। सर्च ऑपरेशन जारी है।” बाद में चलाए गए अभियान के दौरान दोनों पायलट के शव बरामद किए गए और उनकी मौत की पुष्टि की गई।

जानकारी के अनुसार, सुखोई विमान ने गुरुवार शाम जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ समय बाद विमान का अंतिम संपर्क ग्राउंड कंट्रोल से शाम 7 बजकर 42 मिनट पर हुआ था। इसके बाद विमान रडार से गायब हो गया और उससे संपर्क स्थापित नहीं हो सका।

सुखोई Su-30MKI को भारतीय वायुसेना ने शुरुआती 2000 के दशक में अपने बेड़े में शामिल किया था। यह विमान वायुसेना के सबसे सक्षम फ्रंटलाइन लड़ाकू विमानों में गिना जाता है और लंबी दूरी की मारक क्षमता, उन्नत एवियोनिक्स और बहुउद्देश्यीय लड़ाकू क्षमता के लिए जाना जाता है।

वर्तमान में भारतीय वायुसेना के पास 200 से अधिक सुखोई Su-30MKI लड़ाकू विमानों का बेड़ा है, जो देश की वायु रक्षा और सामरिक अभियानों में अहम भूमिका निभाता है।

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