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Saturday, September 19, 2026
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होमन्यूज़ अपडेटप्रदर्शन: BJP अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल और मेयर मुरलीधर मोहोल पर केस दर्ज

प्रदर्शन: BJP अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल और मेयर मुरलीधर मोहोल पर केस दर्ज

मंदिर खोलने को लेकर बीजेपी नेताओं ने किया था प्रदर्शन, महामारी एक्ट के तहत एफआईआर

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मुंबई। कोरोना वायरस की वजह से एक साल से ज्यादा समय तक बंद मंदिरों को खोलने के लिए बीजेपी आंदोलन कर रही है। इसी कड़ी में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल और पुणे शहर के मेयर मुरलीधर मोहोल सहित अन्य बीजेपी नेताओं ने प्रदर्शन किया। बीजेपी नेताओं के खिलाफ महामारी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। दोनों नेताओं सहित अन्य पर कोरोना प्रोटोकॉल का उललंघन करने का आरोप है। इधर, बीजेपी के इस आंदोलन की सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने समर्थन किया है। उन्होंने सवाल किया है कि कोरोना काल में जब बार और शराब की दुकानें खुल सकती हैं तो मंदिर क्यों नहीं।

महाराष्ट्र के प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल, पुणे शहर के मेयर मुरलीधर  मोहोल, पुणे बीजेपी अध्यक्ष जगदीश मुलिक और अन्य के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। इन नेताओं पर आरोप है कि 30 अगस्त को राज्य में मंदिर दोबारा खोलने की मांग को लेकर इन्होंने प्रदर्शन  किया था और इस दौरान कोरोना गाइलाइन का उल्लंघन किया गया।  वहीं ,कोरोना महामारी के कारण महाराष्ट्र में एक साल से ज्यादा समय से मंदिर बंद हैं। बीजेपी में अब राज्य में मंदिर दोबारा खोलने के लिए आंदोलन चला रही है।
इसी क्रम में सोमवार को प्रदेश बीजेपी आध्यात्मिक प्रकोष्ठ की ओर से राज्यभर के प्रमुख मंदिरों में घंटानाद और शंखनाद आंदोलन कर मंदिरों के कपाट खोलने की मांग की गई। बीजेपी के आध्यात्मिक प्रकोष्ठ ने सोमवार को राज्य में मंदिर खोलने के लिए मुंबई, ठाणे,पुणे, नासिक, नागपुर, पंढरपुर, औरंगाबाद और अन्य जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध के दौरान आंदोलनकारियों ने सरकार ध्यान आकर्षित करने के लिए घंटे बजाए और शंखनाद किया। इस दौरान पुणे में शंखनाद आंदोलन का नेतृत्व करते हुए प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने मंदिरों को बंद ऱखने को लेकर सरकार पर सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि मंदिरों को बंद रखने और शराब की दुकानों को खुला रखना कितना तर्कसंगत है। वहीं समाजसेवी नेता अन्ना हजारे ने भी कुछ दिन पहले मंदिर नहीं खोलने को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा राज्य सरकार मंदिर क्यों नहीं खोल रही है? इससे राज्य सरकार को क्या खतरा है। अगर कोरोना की वजह मंदिर नहीं खोले जा रहे हैं तो शराब की दुकानों के बाहर लंबी लाइनें लगी हुई हैं। बात दें कि अन्ना हजारे ने बीजेपी के आंदोलन को समर्थन दिया है।
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