तृणमूल कांग्रेस के विधायकों के हस्ताक्षरों में फर्जीवाड़े के मामले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पूछताछ के घेरे में आ गए हैं। सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए एक बार फिर 14 जून को पेश होने का समन्स जारी किया है। गुरुवार को उन्हें पूछताछ के लिए सीआईडी मुख्यालय बुलाया गया था। करीब छह घंटे की पूछताछ के बाद सीआईडी ने उन्हें देर रात छोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को हुई लंबी पूछताछ के दौरान अभिषेक बनर्जी मूल प्रस्ताव पुस्तिका (रेज़ोल्यूशन बुक) और बैठक की कार्यवाही (मिनट्स) से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। जब उनसे यह सवाल पूछा गया कि “पार्टी के महासचिव के रूप में क्या आप यह कह सकते हैं कि आपको रेज़ोल्यूशन बुक के बारे में जानकारी नहीं है?”, तो अभिषेक बनर्जी कुछ मिनटों के लिए असहज (संतुलन खोते हुए) नजर आए। सूत्रों ने बताया कि मूल रेज़ोल्यूशन बुक से जुड़े सवालों के अलावा, वे इस मामले के कई अन्य सवालों के भी स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
सीआईडी की पूछताछ के बाद अभिषेक बनर्जी सीधे ममता बनर्जी के हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित आवास पर गए। लगातार तीन समन्स की अनदेखी करने के बाद आखिरकार गुरुवार को वे सीआईडी के सामने पूछताछ के लिए पेश हुए थे। इस बीच, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने अभिषेक बनर्जी को गिरफ्तारी सहित किसी भी दंडात्मक पुलिस कार्रवाई से 21 दिनों का संरक्षण दिया है। साथ ही अदालत ने उन्हें जांच अधिकारियों को पूरा सहयोग करने का निर्देश भी दिया है। इसके अलावा, मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीआईडी को आवश्यकतानुसार छापेमारी और तलाशी अभियान चलाने की अनुमति दी गई है।
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