उत्तर प्रदेश के नोएडा के फेज-2 होजरी कॉम्प्लेक्स में हजारों गारमेंट और फैक्ट्री मजदूरों का प्रदर्शन सोमवार (13 अप्रैल) को चौथे दिन भी जारी रहा। मजदूर न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी और अन्य श्रम सुविधाओं की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हैं। इस बीच, कुछ स्थानों पर प्रदर्शन हिंसक भी हो गया, जिससे प्रशासन सतर्क हो गया है।
प्रदर्शन की मुख्य वजह पड़ोसी हरियाणा में हाल ही में न्यूनतम मजदूरी में की गई बढ़ोतरी बताई जा रही है। मजदूरों का कहना है कि हरियाणा में 35% तक वेतन वृद्धि के बाद दैनिक मजदूरी करीब 580 से 750 रुपये हो गई है, जबकि नोएडा में असंगठित श्रमिकों को अभी भी लगभग 350 से 435 रुपये प्रतिदिन मिलते हैं।
प्रदर्शन कर रहे मजदूरों की प्रमुख मांग है कि उनका मासिक वेतन 11,000–13,000 रुपये से बढ़ाकर कम से कम 18,000 से 20,000 रुपये किया जाए। उनका कहना है कि मौजूदा वेतन महंगाई के मुकाबले बेहद कम है और राशन, एलपीजी जैसी आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के बीच गुजारा करना मुश्किल हो गया है।
इसके अलावा मजदूरों ने ओवरटाइम के लिए दोगुना भुगतान, साप्ताहिक अवकाश, चिकित्सा सुविधा और समय पर बोनस जैसी मांगें भी रखी हैं। उनका आरोप है कि वर्तमान में वार्षिक वेतन वृद्धि केवल 250 से 350 रुपये के बीच होती है, जो पर्याप्त नहीं है।
इस बीच प्रदर्शन चौथे दिन सोमवार को फेज-2 और सेक्टर-60 के कुछ इलाकों में प्रदर्शन हिंसक हो उठा। दौरान आगजनी, पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। एक वाहन को आग के हवाले कर दिया गया, जबकि कई अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचा। इसके चलते सड़कों पर भारी जाम लग गया और आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने औद्योगिक क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया है। अधिकारियों के अनुसार, हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं और लगातार निगरानी की जा रही है। पुलिस ने कहा कि शांति बनाए रखने के लिए न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया जा रहा है और मजदूरों को समझाने की कोशिश की जा रही है।
प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद दिल्ली पुलिस को भी अलर्ट पर रखा गया है। नोएडा से दिल्ली आने वाले सभी प्रमुख मार्गों और बॉर्डर पॉइंट्स पर कड़ी निगरानी और वाहनों की जांच की जा रही है, ताकि कोई भी असामाजिक तत्व राजधानी में प्रवेश न कर सके।
इस बीच, नोएडा प्रशासन और उत्तर प्रदेश श्रम विभाग ने मजदूरों की मांगों को लेकर तुरंत कुछ कदम उठाने की घोषणा की है। औद्योगिक इकाइयों को साप्ताहिक अवकाश सुनिश्चित करने, ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान देने और चिकित्सा सुविधा व वार्षिक बोनस प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल प्रशासन और मजदूरों के बीच बातचीत जारी है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही समाधान निकल जाएगा और क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो सकेगी।
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