पुणे में ‘मेड इन पाकिस्तान’ लिखी चादर खरीदने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। इसके बाद इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुणे की एक महिला ने दावा किया है कि उसने एक धार्मिक मेले से जो चादर खरीदी थी, उस पर ‘मेड इन पाकिस्तान’ का लेबल लगा हुआ था, जो कपड़ा धोने के बाद ही दिखाई दिया। इस दावे के बाद पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
यह घटना पिंपरी-चिंचवड़ के चिंचवड़ इलाके में सामने आई, जहां उस महिला ने मोरया गोसावी मंदिर परिसर के पास लगे संकष्टी चतुर्थी के मेले में एक विक्रेता से चादर खरीदी थी। महिला के अनुसार, खरीदारी के समय उसे कुछ भी असामान्य नहीं लगा। हालांकि, घर पर चादर धोने के बाद, उसे उस कपड़े पर ‘मेड इन पाकिस्तान’ लिखा हुआ एक टैग लगा हुआ मिला। इस बात से चिंतित होकर उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया और सवाल उठाया कि पाकिस्तान में बना उत्पाद महाराष्ट्र के स्थानीय बाजार में कैसे पहुंच गया। यह वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया, जिसने बड़े पैमाने पर लोगों का ध्यान खींचा और अधिकारियों को इस पर संज्ञान लेने के लिए मजबूर किया।
वीडियो सामने आने के बाद, पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उत्पाद के स्रोत (ओरिजिन) की जांच करने और यह पता लगाने के लिए कि मेले में इसकी आपूर्ति और बिक्री कैसे हुई, एक विशेष टीम का गठन किया गया है। पुलिस ने पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका को भी पत्र लिखकर मांग की है कि ऐसे उत्पादों को बेचने वाले विक्रेताओं द्वारा किसी भी नियम का उल्लंघन पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। मिली जानकारी के अनुसार, यह चादर बुधवार को संकष्टी चतुर्थी के उत्सव के दौरान खरीदी गई थी, जब मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे थे।
यह घटना महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में ‘मेड इन पाकिस्तान’ लेबल वाले सौंदर्य प्रसाधन (कॉस्मेटिक्स) बेचने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किए जाने के कुछ ही दिनों बाद हुई है। अधिकारी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वह चादर कहां से आई, उसकी आपूर्ति किसने की और क्या इसमें कोई बड़ा वितरण नेटवर्क (डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क) शामिल है। जांच के नतीजों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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