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Saturday, January 3, 2026
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शिंदे-फडणवीस सरकार के खिलाफ 17 को महा आघाडी का मोर्चा

राज्यपाल को हटाने व सीमा विवाद को लेकर सरकार को घेरने में जुटा विपक्ष

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राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को हटाने, महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की बयानबाजी सहित अन्य मुद्दों को लेकर महाविकास आघाड़ी की ओर से 17 दिसंबर को मुंबई में विराट मोर्चा निकाला जाएगा। यह मोर्चा भायखला के वीर जिजामाता उद्यान से आजाद मैदान तक निकाला जाएगा। महा विकास आघाड़ी के नेताओं ने सोमवार को एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह एलान किया। शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मोर्चा निकाले जाने का एलान किया। विधानसभा में विपक्ष के नेता अजित पवार के सरकारी आवास देवगिरी बंगले पर महाविकास आघाड़ी की बैठक हुई। जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री ठाकरे, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, कांग्रेस के विधानमंडल दल नेता बालासाहब थोरात सहित तीनों दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद थे।


महाराष्ट्र के सम्मान में शामिल हो लोगः
पत्रकारों से बातचीत में उद्धव ने कहा कि महाराष्ट्र का लगातार अपमान हो रहा है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने छत्रपति शिवाजी महाराज के खिलाफ टिप्पणी की है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बोम्मई महाराष्ट्र के गांवों पर दावा कर रहे हैं। महाराष्ट्र से उद्योग दूसरे प्रदेशों में जा रहे हैं। राज्य में महंगाई का मुद्दा चरम पर है। इन सभी मुद्दों को लेकर मोर्चा निकाला जाएगा। मैं इस मोर्चा में राज्य के सभी लोगों को शामिल होने की अपील कर रहा हूं।

जिन्हें महाराष्ट्र का अपमान स्वीकार नहीं है ऐसे सभी लोग मोर्चा में शामिल हो। उद्धव ने कहा कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री बोम्मई की केवल चेतावनी भर से महाराष्ट्र के दो मंत्रियों ने बेलगाम का दौरा रद्द कर दिया है। महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री हैं? यह कब समझ में आएगा। उद्धव ने कहा कि मुझे आशंका है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव जीतने के लिए महाराष्ट्र के गांवों को तोड़ा जा सकता है।

राज्यपाल को हटाने निकलेगा मोर्चाः  जबकि विधानसभा में विपक्ष के नेता अजित ने कहा कि यदि महाविकास आघाड़ी के मोर्चा से पहले राज्यपाल कोश्यारी को हटा दिया  जाता है तब भी यह लोग मोर्चा निकालेंगे। अजित ने कहा कि नांदेड़ के देगलूर, नाशिक के सुरगाणा तहसील, सांगली के जत तहसील, सोलापुर के अक्कलकोट तहसील के गांव के लोग पड़ोसी राज्यों में जाने की मांग कर रहे हैं।

इसके पहले किसी भी मुख्यमंत्री के शासन काल में ऐसी मांग कभी नहीं हुई थी। केवल महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद का मुद्दा चल रहा था। शिंदे-फडणवीस सरकार के मंत्रियों में बेलगाम जाने की हिम्मत नहीं है। अजित ने बताया कि इस मोर्चे में समाजवादी पार्टी, जेडीयू, शेकाप सहित विपक्ष के अन्य दल शामिल होंगे। इस मोर्चे की तैयारी के लिए 8 दिसंबर को महाविकास आघाड़ी की बैठक होगी।

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