दोबारा होने वाली NEET UG की तारीख़ जारी

NTA ने जारी किया नया शेड्यूल, दोबारा आवेदन की जरूरत नहीं; जल्द जारी होंगे नए एडमिट कार्ड

दोबारा होने वाली NEET UG की तारीख़ जारी

NEET 2026 paper leak suspected: 140 questions in viral 'guess paper' match actual exam

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 परीक्षा को लेकर बड़ा ऐलान किया है। पेपर लीक आरोपों के कारण 3 मई को आयोजित परीक्षा रद्द किए जाने के बाद अब NEET UG 2026 की री-एग्जाम रविवार 21 जून को आयोजित की जाएगी। NTA ने स्पष्ट किया है कि यह परीक्षा भारत और विदेश दोनों केंद्रों पर कराई जाएगी।

परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। छात्र लगातार नई परीक्षा तिथि और प्रक्रिया को लेकर जानकारी तलाश रहे थे। अब NTA की आधिकारिक अधिसूचना के बाद छात्रों को राहत मिली है।

NTA ने अपने बयान में कहा है कि उम्मीदवारों को दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। एजेंसी के अनुसार, पहले जमा किए गए सभी आवेदन फॉर्म, परीक्षा शहर की प्राथमिकताएं और उम्मीदवारों की जानकारी वैध मानी जाएगी। इसका मतलब है कि जिन छात्रों ने पहले ही NEET UG 2026 के लिए पंजीकरण करा लिया था, वे बिना किसी नए रजिस्ट्रेशन के सीधे री-एग्जाम में शामिल हो सकेंगे।

एजेंसी ने यह भी बताया कि नए एडमिट कार्ड जल्द ही आधिकारिक NEET वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे। उम्मीदवार अपने आवेदन नंबर और जन्मतिथि की मदद से हॉल टिकट डाउनलोड कर सकेंगे। गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा के तुरंत बाद पेपर लीक के आरोप सामने आए थे। कई राज्यों में कथित अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक होने की खबरों के बाद परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठे थे। इसके बाद NTA ने परीक्षा रद्द करने और दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया।

NTA ने कहा कि यह निर्णय परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए लिया गया है। एजेंसी ने अपने नोटिस में कहा,“उम्मीदवारों और माता-पिता से अनुरोध है कि वे केवल NTA के आधिकारिक चैनलों पर ही भरोसा करें।”

NTA ने छात्रों और अभिभावकों को अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक वेबसाइट व नोटिस पर भरोसा करने की सलाह दी है। एजेंसी ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहने की जरूरत है।

विशेषज्ञों का मानना है कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में पेपर लीक की घटनाएं छात्रों के मानसिक तनाव और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर असर डालती हैं। ऐसे में री-एग्जाम का फैसला लाखों छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम माना जा रहा है।

अब छात्रों के सामने सबसे बड़ी चुनौती कम समय में दोबारा तैयारी करने की होगी। कई अभ्यर्थियों और अभिभावकों ने परीक्षा रद्द होने के बाद मानसिक दबाव और अनिश्चितता की शिकायत भी की थी। हालांकि नई तारीख घोषित होने के बाद तैयारी को लेकर स्थिति अब काफी हद तक स्पष्ट हो गई है।

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