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केरल में फिर आया निपाह वायरस; कोझिकोड में संदिग्ध मामले के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर

प्रारंभिक जांच में 40 वर्षीय व्यक्ति निपाह पॉजिटिव, पुणे से अंतिम पुष्टि का इंतजार; संपर्क में आए लोगों को क्वारंटीन किया गया

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केरल में एक बार फिर निपाह वायरस को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। कोझिकोड जिले के फेरोक क्षेत्र के 40 वर्षीय एक व्यक्ति की प्रारंभिक जांच में निपाह वायरस संक्रमण की पुष्टि होने के बाद राज्य सरकार ने आपात स्वास्थ्य और रोकथाम उपाय लागू कर दिए हैं। हालांकि अंतिम पुष्टि के लिए नमूने पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) भेजे गए हैं और उसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मरीज पहले सामान्य बुखार से पीड़ित था और कुछ समय के लिए उसकी स्थिति में सुधार भी हुआ था। लेकिन बाद में दोबारा तबीयत बिगड़ने पर वह विभिन्न अस्पतालों के ओपीडी, डायग्नोस्टिक सेंटर और एक नशामुक्ति केंद्र तक गया था। इसी कारण संभावित संपर्कों की पहचान कर व्यापक स्तर पर निगरानी शुरू कर दी गई है।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने बताया कि मरीज ने हाल ही में एक व्यावसायिक गोदाम किराये पर लिया था और उसकी सफाई स्वयं की थी। जांचकर्ताओं को संदेह है कि उस गोदाम में संक्रमित फलाहारी चमगादड़ों की मौजूदगी संक्रमण का संभावित स्रोत हो सकती है।

प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद मरीज को कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल के विशेष सुरक्षित आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। मरीज के परिवार के सदस्यों, अस्पताल कर्मचारियों और उसकी आवाजाही के दौरान संपर्क में आए लोगों को तत्काल स्वयं को क्वारंटीन करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा, “घबराने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही गहन संपर्क अनुरेखण शुरू कर दिया है और निगरानी क्षेत्र स्थापित कर दिए हैं। पुणे से द्वितीय पुष्टि आने तक अधिकतम सावधानी बरती जा रही है।”

इस बीच रामनाट्टुकारा नगरपालिका ने स्थानीय स्तर पर रोकथाम उपायों की समीक्षा के लिए आपात बैठक बुलाई है। कोझिकोड मेडिकल कॉलेज के पे-वार्ड क्षेत्र के आसपास प्रतिबंध लगाए गए हैं ताकि आइसोलेशन जोन पूरी तरह अलग रखा जा सके।

निपाह वायरस एक अत्यधिक घातक जूनोटिक रोगजनक माना जाता है, जो मनुष्यों में गंभीर श्वसन संक्रमण और घातक मस्तिष्क सूजन (एन्सेफलाइटिस) का कारण बन सकता है। वर्ष 2018 से 2023 के बीच केरल में निपाह वायरस के चार अलग-अलग प्रकोपों के दौरान 31 पुष्ट मामले सामने आए थे, जिनमें 24 लोगों की मौत हुई थी।

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग अंतिम प्रयोगशाला पुष्टि का इंतजार कर रहा है, लेकिन संभावित खतरे को देखते हुए पूरे क्षेत्र में एहतियाती कदम तेज कर दिए गए हैं।

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